Coforge के चेयरमैन Om Prakash Bhatt ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा फाइनेंशियल ईयर **2026** की दूसरी तिमाही के लिए बोर्ड इवैल्यूएशन प्रोसेस के ऑडिट के बाद आया है, जिसमें परफॉर्मेंस से जुड़ी जानकारी छिपाने के गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
ऑडिट में क्या पकड़ में आया?
कंपनी के इंटरनल ऑडिट में बोर्ड इवैल्यूएशन रिपोर्ट को लेकर कुछ चिंताजनक बातें सामने आई हैं। ऑडिट की फाइंडिंग्स में पाया गया कि Bhatt के खुद के परफॉर्मेंस से जुड़ी कुछ 'मटेरियल इंफॉर्मेशन' (Material Information) बोर्ड के सामने पूरी तरह से डिस्क्लोज नहीं की गई थी। हालांकि कंपनी का कहना है कि इस्तीफे की इसके अलावा कोई और बड़ी वजह नहीं है, लेकिन इस घटना ने कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे का रास्ता
अपने इस्तीफे के पत्र में Om Prakash Bhatt ने कहा कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया में 'गुड फेथ' (Good Faith) में काम किया है। हालांकि, बोर्ड ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अब कंपनी में स्थिरता बनाए रखने के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर Vivek Sharma को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है। वह 31 जनवरी, 2027 तक इस पद पर रहेंगे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे डे-टू-डे बिजनेस या फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मार्केट में 'लीडरशिप स्टेबिलिटी' एक बड़ा मुद्दा बन गई है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि भविष्य में कंपनी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल, सभी की नजरें आने वाली रेगुलेटरी फाइलिंग पर टिकी हैं ताकि यह साफ हो सके कि इस ऑडिट के बाद और क्या बड़े बदलाव हो सकते हैं।
