CoRover ने बड़ी कंपनियों को पछाड़ते हुए MeitY से **₹4 करोड़** का सरकारी कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया है। अब कंपनी सरकार के लिए एक 'Unified Agentic AI Platform' तैयार करेगी, जिसकी शुरुआत DigiLocker से होगी।
सरकारी कामकाज के डिजिटल स्वरूप को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक नेशनल यूनिफाइड एजेंटिक एआई असिस्टेंट प्लेटफॉर्म बनाने के लिए CoRover को चुना है। इस प्रोजेक्ट की वैल्यू लगभग ₹4 करोड़ है।
नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक चैटबॉट्स से काफी अलग होगा। इसे कंपनी की चार-स्तरीय (Four-layer) कंपोजिट एआई आर्किटेक्चर और BharatGPT मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इसकी खासियत यह है कि यह 100 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करेगा और सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डॉक्यूमेंट्स निकालने और ऑथेंटिकेशन जैसे टास्क भी खुद कर सकेगा।
DigiLocker से शुरुआत
इस एआई प्लेटफॉर्म का पहला टेस्ट रन DigiLocker पर होगा। कंपनी को अगले 4 महीने के भीतर इसका पायलट प्रोजेक्ट पूरा करना है। सफलता मिलने के बाद इसे केंद्रीय और राज्य स्तर के अन्य सरकारी विभागों में लागू किया जाएगा।
बड़ी प्रतिस्पर्धा में जीत
नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) द्वारा चुनी गई इस प्रक्रिया में CoRover ने कई बड़ी ग्लोबल कंसल्टेंसी और स्थापित टेक दिग्गजों को पीछे छोड़कर यह कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। एक स्टार्टअप के लिए सरकारी स्तर पर इस तरह का मैंडेट मिलना उनकी तकनीकी क्षमता पर बड़ी मुहर है। हालांकि, अब चुनौती समय सीमा के भीतर काम पूरा करने और डेटा सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल का पालन करने की होगी।
