ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Cleartrip अब सिर्फ फ्लाइट बुकिंग पर निर्भर नहीं रहेगी। कंपनी होटल, बस और ट्रेन जैसे नॉन-एयर सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रही है। इसका लक्ष्य **2026** तक अपने बिजनेस का **45%** इन्हीं सेगमेंट से लाना है। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू **69%** बढ़कर **₹169 करोड़** हो गया है।
Cleartrip का नया प्लान: नॉन-एयर सेगमेंट पर बड़ा दांव
Flipkart के स्वामित्व वाली ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी Cleartrip अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी फ्लाइट बुकिंग पर अपनी निर्भरता कम करने की तैयारी में है। Cleartrip ने 2026 के आखिर तक अपने कुल बिजनेस का 40% से 45% हिस्सा होटल, बस और ट्रेन बुकिंग से हासिल करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल यह योगदान केवल 22% है।
होटल सेगमेंट में तूफानी तेजी
कंपनी का होटल सेगमेंट सबसे तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी ग्रोथ 50% से भी ज्यादा है। Cleartrip सीधे प्रॉपर्टीज के साथ कॉन्ट्रैक्ट करके यह ग्रोथ हासिल कर रही है, न कि सिर्फ थर्ड-पार्टी एग्रीगेटर पर निर्भर रहकर। कंपनी का दावा है कि उन्होंने पिछले साल की तुलना में रूम नाइट्स को दोगुना कर लिया है और अब उनके पास 5 लाख से ज्यादा इंटरनेशनल होटलों का इन्वेंट्री है। साथ ही, कंपनी भारत में सीधे कॉन्ट्रैक्ट वाले डोमेस्टिक होटलों के नेटवर्क में दूसरे नंबर पर होने का दावा करती है, जिससे उन्हें बेहतर मार्जिन और इन्वेंट्री कंट्रोल में मदद मिलती है।
वित्तीय स्थिति और मुनाफे की राह
फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, Cleartrip ने ₹169 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 69% की बढ़ोतरी है। हालांकि कंपनी का टॉप-लाइन बढ़ रहा है, वह अभी भी घाटे में चल रही है। FY25 में कंपनी का नेट लॉस लगभग 20% घटकर ₹651 करोड़ रहा। भारतीय ट्रैवल टेक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण, कंपनी को डिस्काउंट और कैशबैक पर ₹608 करोड़, विज्ञापन पर ₹102 करोड़, और कमीशन पर ₹129 करोड़ खर्च करने पड़ रहे हैं। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि 2027 की शुरुआत तक ब्रेक-ईवन (Breakeven) पॉइंट पर पहुंचा जाए, जिसके लिए वे हाई-मार्जिन वाले नॉन-एयर प्रोडक्ट्स की ओर रेवेन्यू मिक्स शिफ्ट कर रहे हैं।
टेक्नोलॉजी और मार्केट स्ट्रेटेजी
इस बदलाव को गति देने के लिए, Cleartrip नए फीचर्स इंटीग्रेट कर रही है ताकि यूजर रिटेंशन बढ़ाया जा सके। कंपनी ने 'वीजा रिजेक्शन कवर' जैसे टूल पेश किए हैं, जिससे बुकिंग 15% बढ़ी है। वहीं, 'प्राइस ट्रैकिंग' फीचर से कन्वर्जन रेट 3% से 5% तक बढ़ा है। इसके अलावा, कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश कर रही है ताकि एक कन्वर्सेशनल बुकिंग एजेंट बनाया जा सके। वे क्रिएटर इकोनॉमी और इन्फ्लुएंसर-लेड एफिलिएट प्रोग्राम्स के जरिए युवा वर्ग को भी टारगेट कर रहे हैं। कंपनी के डेटा के अनुसार, Gen Z के अकेले और ग्रुप ट्रैवलर्स से की गई बुकिंग 60% से 70% तक बढ़ी है।
आगे क्या देखना होगा?
होटल और ट्रेन जैसे सेगमेंट्स में विस्तार से बिजनेस को डाइवर्सिफाई करने में मदद मिलेगी। हालांकि, निवेशकों और जानकारों को कंपनी की मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट को मैनेज करने की क्षमता पर नजर रखनी होगी। नॉन-एयर सेगमेंट्स में ग्रोथ बनाए रखते हुए घाटे को कम करना मुख्य चुनौती रहेगी। 2027 तक ब्रेक-ईवन के लक्ष्य तक पहुंचने की कंपनी की प्रगति, टेक्नोलॉजी में निवेश और नए लॉयल्टी प्रोग्राम्स की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगी, खासकर ऐसे प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन ट्रैवल मार्केट में।
