Cisco का बड़ा दांव: AI के दम पर अगले 2 साल में बदलेगा 98% पुराना सॉफ्टवेयर कोड

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Cisco का बड़ा दांव: AI के दम पर अगले 2 साल में बदलेगा 98% पुराना सॉफ्टवेयर कोड

Cisco Systems ने अपने पुराने सॉफ्टवेयर स्टैक के 98% हिस्से को जेनरेटिव AI (Generative AI) के जरिए आधुनिक बनाने का एक साहसी प्रोजेक्ट शुरू किया है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि इतनी बड़ी तकनीक बदलाव में क्या जोखिम हैं और क्या यह भविष्य में कंपनी के मार्जिन को सुधार पाएगा।

बड़े बदलाव की तैयारी

Cisco ने सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस को लेकर एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है। कंपनी ने अपने मौजूदा पुराने (Legacy) सॉफ्टवेयर कोड के 98% हिस्से को जेनरेटिव AI की मदद से रिफैक्टर करने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नेतृत्व Padmanabhan Krishnamurthy कर रहे हैं, जो 2025 में अपने स्टार्टअप EzDubs के अधिग्रहण के बाद कंपनी में शामिल हुए थे। चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर Jeetu Patel के समर्थन से, इंजीनियरिंग टीम को इस 24 महीने के मिशन के लिए अनलिमिटेड AI कंप्यूट टोकन दिए गए हैं।

इनोवेशन या रिस्क?

पारंपरिक कॉर्पोरेट तौर-तरीकों से अलग, जहाँ पुराना कोड मैन्युअल तरीके से ठीक किया जाता था, Cisco अब AI का इस्तेमाल कर रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि एक छोटी और चुस्त टीम उस इंफ्रास्ट्रक्चर को बदल सकती है जिसे सीनियर इंजीनियर्स बेहद जटिल मानते थे। हालांकि, निवेशकों के लिए इसमें 'Execution Risk' यानी इसे लागू करने का जोखिम बना हुआ है। यदि AI द्वारा कोड बदलने में कोई तकनीकी चूक होती है, तो यह मुख्य उत्पादों के लिए स्थिरता और डाउनटाइम की समस्या पैदा कर सकता है।

मार्जिन पर दबाव और फाइनेंशियल स्थिति

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Cisco अपनी फाइनेंशियल स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी को AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए $9.3 बिलियन के ऑर्डर मिले हैं। बावजूद इसके, बढ़ती मेमोरी लागत और लो-मार्जिन AI हार्डवेयर की ओर शिफ्ट होने के कारण ग्रॉस मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। अब नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह AI-आधारित बदलाव लॉन्ग-टर्म ऑपरेशनल खर्चों को कम कर पाएगा।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

शेयरधारकों के लिए मुख्य सवाल 2 साल की समय-सीमा का है, जो इंडस्ट्री के मानकों के हिसाब से काफी आक्रामक है। आगे चलकर बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि क्या यह AI पहल कोर प्रोडक्ट की स्थिरता को प्रभावित किए बिना मेंटेनेंस लागत को कम कर पाती है। भविष्य की अर्निंग्स कॉल्स में मैनेजमेंट की कमेंट्री यह साफ करेगी कि क्या यह दांव कंपनी के बॉटम लाइन में सुधार लाने में सफल हो रहा है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.