चीन की एक टेक्नोलॉजी फर्म ने अपने HR कर्मचारी को नौकरी से निकाल कर उसकी जगह AI अवतार को तैनात किया है। लागत घटाने के नाम पर उठाया गया यह कदम अब डेटा प्राइवेसी और कानूनी विवादों में फंस सकता है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
चीन के शानदोंग प्रांत की एक टेक्नोलॉजी कंपनी ने एक अजीबोगरीब प्रयोग शुरू किया है। कंपनी ने अपने HR विभाग के एक पूर्व कर्मचारी की जगह AI-पावर्ड अवतार को काम पर रखा है। यह डिजिटल पर्सनालिटी उन सभी कामों को संभाल रही है, जिन्हें पहले कर्मचारी करते थे, जैसे मीटिंग शेड्यूल करना और कंपनी के जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार करना। कंपनी ने इस अवतार को उस पूर्व कर्मचारी के पिछले वर्क हिस्ट्री और उनके द्वारा बनाए गए डॉक्यूमेंट्स के डेटा पर ट्रेन किया है।
लागत में कटौती की होड़ या बड़ी मुसीबत?
कंपनी का तर्क है कि इस तरह के ऑटोमेशन से ऑपरेशनल कॉस्ट में भारी कमी आएगी। वे अब फ्रंट-डेस्क के लिए भी ह्यूमनॉइड रोबोट्स लाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, लागत कम करने की यह कोशिश कानूनी और रेगुलेटरी रिस्क को न्योता दे रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Investor Risk)
कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी कर्मचारी के पर्सनल चैट लॉग्स, ईमेल और काम करने के तरीकों पर AI को ट्रेन करना डेटा प्राइवेसी का उल्लंघन हो सकता है। भले ही कंपनी ने सहमति ली हो, लेकिन व्यक्तिगत डेटा से प्रॉप्रायटरी मॉडल बनाना एक जटिल कानूनी देनदारी (Liability) पैदा करता है।
यदि कंपनी पर कानूनी कार्रवाई होती है या भारी जुर्माना लगता है, तो जो बचत वे ऑटोमेशन से कर रहे हैं, वह लंबी अवधि में कंपनी की ब्रांड वैल्यू और मुनाफे को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। निवेशकों को ऐसी कंपनियों में AI गवर्नेंस और बोर्ड-लेवल एथिक्स की सख्ती से निगरानी करनी चाहिए।
