बीजिंग स्थित AI डेवलपर Manus अब **$50 करोड़** की नई फंडिंग जुटाने की तैयारी कर रही है। Meta Platforms के साथ मर्जर रुकने के बाद कंपनी अब अपना पूरा ध्यान हांगकांग IPO पर लगा रही है।
मेटा डील का झटका और नई रणनीति
चीन की इस AI स्टार्टअप के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कंपनी का $2 बिलियन का प्रस्तावित मर्जर Meta Platforms के साथ होना था, लेकिन चीनी रेगुलेटर्स ने नेशनल सिक्योरिटी और AI टेक्नोलॉजी के एक्सपोर्ट कंट्रोल का हवाला देते हुए इस डील पर रोक लगा दी। इस झटके के बाद Manus ने खुद को रीस्ट्रक्चर किया और $2 बिलियन के वैल्यूएशन पर शेयर बायबैक पूरा कर खुद को अमेरिकी दिग्गज कंपनी से अलग किया।
बड़े निवेशकों पर दांव
अब कंपनी $50 करोड़ का फंड जुटाने के लिए बड़े निवेशकों से बातचीत कर रही है। इसमें IDG Capital, Boyu Capital और CATL जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। अगर ये डील होती है, तो मौजूदा शेयरधारकों Tencent और Zhenfund के साथ इनका जुड़ना कंपनी को नई मजबूती देगा। CATL की एंट्री से संकेत मिल रहे हैं कि कंपनी अपने AI एजेंट्स को अब इंडस्ट्रियल और एनर्जी सेक्टर में भी इस्तेमाल करने पर विचार कर सकती है।
हांगकांग IPO की तैयारी
Manus अब हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज पर पब्लिक लिस्टिंग की योजना बना रही है। अपनी फाइनेंशियल हेल्थ और रेगुलेटरी अनुपालन को साबित करने के लिए कंपनी ने हाल ही में जरूरी डेटा माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी की है। चीन के सख्त रेगुलेटरी माहौल में अपनी पकड़ बनाए रखना और साथ ही ग्लोबल लेवल पर कंपीट करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना होगा कि क्या Manus अपने कोडिंग और ऑटोमेशन टूल्स से стабиल (Stable) रेवेन्यू जेनरेट कर पाती है या नहीं।
