अमेरिकी पाबंदियों के बीच, ChangXin Memory Technologies (CXMT) चीन में HBM3E मेमोरी चिप्स का उत्पादन शुरू कर रही है। हालांकि, कंपनी की Yield रेट अभी सिर्फ **20%** के आसपास है, जो बाजार के दिग्गजों के मुकाबले काफी कम है।
उत्पादन का दबाव और चुनौतियां
चीन की प्रमुख कंपनी ChangXin Memory Technologies (CXMT) अब जनरेटिव AI मॉडल्स के लिए जरूरी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM3E) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, कंपनी का इंटरनल टेस्टिंग डेटा चिंताजनक है। वर्तमान में इनका Yield रेट 20% से 30% के बीच है, जबकि ग्लोबल लीडर SK Hynix का Yield रेट 70% तक है। बीजिंग के लिए यह तकनीक आत्मनिर्भरता की एक बड़ी रणनीतिक प्राथमिकता बन गई है।
सप्लाई चेन पर असर
चिप की कमी के कारण Huawei और Cambricon जैसी चीनी कंपनियों को बड़ा झटका लगा है, जिसके चलते उन्हें अपने चिप्स की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी करनी पड़ी है। CXMT का अपना HBM3E बनाना सप्लाई चेन को स्थिर करने का एक प्रयास है, लेकिन यह उत्पाद ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के मुकाबले काफी महंगा और प्रदर्शन में धीमा साबित हो सकता है।
तकनीकी फासला अभी भी बरकरार
शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि CXMT के चिप्स मौजूदा HBM3E स्टैंडर्ड के बजाय पुरानी जनरेशन की HBM3 के ज्यादा करीब हैं। कंपनी के पास ट्रेडिशनल DRAM सेक्टर में 10% मार्केट शेयर है, लेकिन हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग की राह कठिन है। जहां Samsung Electronics पहले ही HBM4 पर काम कर रही है, वहीं चीन अभी भी वैश्विक मानकों से एक जनरेशन पीछे है। अमेरिका द्वारा लगाई गई एडवांस्ड लिथोग्राफी और चिपमेकिंग इक्विपमेंट पर पाबंदियां इस फासले को पाटने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
