चीन ने अब चिप बनाने के लिए जरूरी इम्мерशन DUV लिथोग्राफी मशीनों का प्रोडक्शन खुद ही शुरू कर दिया है। पहले ये मशीनें ASML जैसी विदेशी कंपनियों से आती थीं। इस कदम से चीन टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भर बनने की राह पर है और विदेशी एक्सपोर्ट बैन को बायपास करने की कोशिश कर रहा है। इस खबर के बाद डच चिप-टूल बनाने वाली कंपनी ASML के शेयर **4.6%** तक गिर गए, क्योंकि निवेशकों को इसके ग्लोबल मार्केट पर असर की चिंता सता रही है।
Detailed Coverage
चीन का नया दांव: डोमेस्टिक DUV चिप टूल्स का प्रोडक्शन शुरू
चीन अब एडवांस्ड सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट मार्केट में उतर गया है। देश ने इम्мерशन डीप अल्ट्रावायलेट (DUV) लिथोग्राफी मशीनों का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। ये मशीनें सेमीकंडक्टर बनाने की प्रक्रिया में सिलिकॉन वेफर्स पर सर्किट पैटर्न उकेरने के लिए बेहद जरूरी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मशीनें इसी कैलेंडर ईयर में चीन की जानी-मानी चिपमेकर्स जैसे Semiconductor Manufacturing International Corp (SMIC), Hua Hong Semiconductor और ChangXin Memory Technologies को डिलीवर की जाएंगी।
ASML पर क्या होगा असर?
इस ऐलान के बाद ASML, जो ऐतिहासिक रूप से एडवांस्ड लिथोग्राफी सिस्टम्स में लगभग एकाधिकार रखती है, के शेयर 4.6% तक गिर गए। हालांकि ASML अभी भी दुनिया भर में इस टेक्नोलॉजी की मुख्य सप्लायर है, यह कदम चीन की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है जिसके तहत वह लगातार बढ़ते इंटरनेशनल एक्सपोर्ट कंट्रोल के बीच टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता हासिल करना चाहता है। निवेशकों के लिए फौरी चिंता यह है कि क्या चीन के डोमेस्टिक विकल्प ASML के स्थापित सिस्टम्स की सटीकता और भरोसेमंदता का मुकाबला कर पाएंगे।
प्रोडक्शन और क्षमता पर एक नजर
यह चीन के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि ये डोमेस्टिक मशीनें अभी डेवलपमेंट के शुरुआती दौर में हैं। इनकी परफॉर्मेंस और रिलायबिलिटी अभी इंटरनेशनल सप्लायर्स के स्टैंडर्ड्स के बराबर नहीं बताई जा रही है। प्रोडक्शन वॉल्यूम भी नियर-टर्म में कम रहने की उम्मीद है। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, इस साल लगभग 5 मशीनें डिलीवर की जाएंगी, और 2027 तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब 20 यूनिट्स तक पहुंच सकता है।
एक्सपोर्ट बैन के बीच रास्ता
एडवांस्ड लिथोग्राफी इक्विपमेंट तक पहुंच ग्लोबल चिप इंडस्ट्री में टेंशन का एक बड़ा पॉइंट बन गई है। इंटरनेशनल बैन ने पहले ही चीन की एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट (EUV) लिथोग्राफी सिस्टम्स, जो सबसे एडवांस्ड चिप मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के लिए जरूरी हैं, को इंपोर्ट करने की क्षमता को सीमित कर दिया है। इसके जवाब में, चीन ने अपनी डोमेस्टिक कैपेबिलिटी को मजबूत करने पर जोर दिया है, जिसमें डोमेस्टिक EUV टेक्नोलॉजी पर रिसर्च भी शामिल है, जो अभी प्रोटोटाइप फेज में है। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि ग्लोबल टूल मैन्युफैक्चरर्स पर असली बिजनेस इंपैक्ट इस बात पर निर्भर करेगा कि ये डोमेस्टिक टूल्स कितनी तेजी से स्केल किए जा सकते हैं और क्या वे हाई-वॉल्यूम चिप प्रोडक्शन की टेक्निकल रिक्वायरमेंट्स को पूरा करते हैं। मार्केट के लिए अगला अहम अपडेट इन शुरुआती यूनिट्स की परफॉर्मेंस वैलिडेशन होगा, जब वे लोकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में ऑपरेशनल हो जाएंगी।
