बीजिंग ने AI कंपनियों DeepSeek और MiniMax को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने मॉडल पेश करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इस कदम का मकसद चीनी टेक कंपनियों को ग्लोबल मार्केट में मजबूती देना है, लेकिन इसके साथ ही वेस्टर्न मार्केट्स में रेगुलेटरी सख्ती बढ़ने का जोखिम भी बना हुआ है।
बीजिंग ने अपनी दो प्रमुख AI कंपनियों, DeepSeek और MiniMax को अपने लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतारने के लिए हरी झंडी दे दी है। चीन का यह फैसला उसके घरेलू टेक्नोलॉजी सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अब इन कंपनियों को विदेश में कारोबार करने के लिए एक स्पष्ट सरकारी ढांचा मिल गया है।
एक्सपोर्ट कंट्रोल और सरकारी गाइडलाइन्स
यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब अक्टूबर के मध्य में चीन ने 23 अलग-अलग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजीज पर एक्सपोर्ट कंट्रोल लगाने का प्रस्ताव रखा था। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से सरकार कड़ी निगरानी रखेगी, लेकिन ओपन-सोर्स AI और विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक स्पष्ट लाइसेंसिंग प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
क्या है ग्लोबल मार्केट का गणित?
चीन अब यह साबित करना चाहता है कि उसके घरेलू मॉडल्स ग्लोबल कमर्शियल स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरते हैं। इसका सीधा मुकाबला अमेरिका की दिग्गज AI कंपनियों से होगा। हालांकि, राह आसान नहीं है। इन चीनी मॉडल्स के ग्लोबल मार्केट में प्रवेश करने से डेटा प्राइवेसी और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर वेस्टर्न रेगुलेटर्स की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
अगर ट्रेड फ्रिक्शन यानी व्यापारिक तनाव बढ़ता है, तो नए बैरियर्स लग सकते हैं, जो इन कंपनियों की ग्लोबल ग्रोथ को प्रभावित करेंगे। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि इन कंपनियों के लाइसेंसिंग एग्रीमेंट्स की शर्तें क्या हैं और अमेरिकी व यूरोपीय नियामक इनके आने पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
