चीन के AI सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली है। पिछले 4 महीनों में STAR50 इंडेक्स **40%** टूट चुका है, जिससे निवेशकों की **$480 बिलियन** की संपत्ति स्वाहा हो गई है।
बुलबुला फूटा, निवेशकों को झटका
चीन के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में चल रही तेजी का दौर अचानक थम गया है। रिटेल निवेशकों की भारी सट्टेबाजी के बाद अब मार्केट में बड़ी बिकवाली देखी जा रही है। STAR50 इंडेक्स, जो चीन की प्रमुख टेक कंपनियों को ट्रैक करता है, अपने हाई लेवल से महज 4 महीनों में 40% गिर चुका है। इस गिरावट ने बाजार से लगभग $480 बिलियन की वैल्यू खत्म कर दी है।
वैल्यूएशन की समस्या
तेजी के दौरान इन AI स्टॉक्स का वैल्यूएशन आसमान छू रहा था। वर्तमान में STAR50 इंडेक्स का PE रेशियो करीब 100 के आसपास है, जबकि अमेरिका का Nasdaq 100 इंडेक्स केवल 30 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा अंतर साफ दिखाता है कि पहले की तेजी वास्तविक मुनाफे के बजाय केवल सट्टेबाजी के दम पर थी।
रेगुलेटरी और व्यापारिक जोखिम
मार्केट में अनिश्चितता का एक बड़ा कारण अमेरिकी प्रतिबंध हैं। चीन को हाई-एंड डेटा सेंटर उपकरण निर्यात करने पर अमेरिका द्वारा और कड़े प्रतिबंध लगाने की आशंका है। इसका असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ रहा है। Zhongji Innolight और Eoptolink Technology जैसी बड़ी ऑप्टिकल-कंपोनेंट कंपनियों के शेयर तो 60% तक लुढ़क गए हैं।
आगे क्या होगा?
एनालिस्ट का मानना है कि अब यह सेक्टर 'तेज विस्तार' से हटकर 'कठिन दौर' (Consolidation) में प्रवेश कर चुका है। आने वाले समय में कंपनियां मार्केट शेयर हासिल करने के लिए 'प्राइस वॉर' (कीमतों में कटौती) शुरू कर सकती हैं, जो प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डालेगा। अब निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों पर है जो बिना सट्टेबाजी के अपने फंडामेंटल्स को साबित कर सकें।
