Charles Schwab का हैदराबाद में बड़ा कदम! 2027 तक 2000 नई नौकरियां, IT हब होगा तैयार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Charles Schwab का हैदराबाद में बड़ा कदम! 2027 तक 2000 नई नौकरियां, IT हब होगा तैयार

अमेरिका की जानी-मानी फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Charles Schwab ने हैदराबाद में अपना नया टेक्नोलॉजी और ऑपरेशन्स सेंटर खोला है। कंपनी 2027 तक यहां **2000** लोगों को नौकरी पर रखने की योजना बना रही है ताकि अपनी इन-हाउस क्षमताएं बढ़ाई जा सकें।

चार्ल्स श्वाब इंडिया का आगाज़

'Schwab India' के नाम से जाना जाने वाला यह नया सेंटर 3.45 लाख स्क्वायर फुट में फैला हुआ है और इसे कंपनी के टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग और ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने के लिए एक मुख्य केंद्र के तौर पर तैयार किया गया है। अमेरिका की इस फर्म के लिए यह एक रणनीतिक कदम है, जिसका मकसद बाहरी वेंडरों पर निर्भरता कम कर जरूरी सपोर्ट फंक्शन्स को अपने ही कर्मचारियों द्वारा करवाना है।

इन-हाउस क्षमताओं का विस्तार

यह नया सेंटर कंपनी के मुख्य बिजनेस को पावर देने वाली टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस को विकसित करने पर फोकस करेगा। इस विस्तार का एक अहम पहलू यह है कि थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर्स का काम अब कंपनी के अपने कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। भारत में एक डेडिकेटेड टीम बनाकर, कंपनी का लक्ष्य ऑपरेशनल कंट्रोल, डेटा सिक्योरिटी और लंबी अवधि की प्रोसेस एफिशिएंसी को बेहतर बनाना है। हायरिंग शुरू हो चुकी है, और शुरुआती लक्ष्य 500 कर्मचारियों का है, जो 2027 के अंत तक बढ़कर 2000 हो जाएगा।

बिजनेस का फोकस

निवेशकों के लिए यह जानना अहम है कि हैदराबाद फैसिलिटी एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) है और भारत में क्लाइंट-फेसिंग फाइनेंशियल सर्विसेज की पेशकश नहीं करेगी। इसके बजाय, यह सेंटर कंपनी के यूएस ऑपरेशन्स के लिए एक बैक-एंड इंजन के तौर पर काम करेगा। इस स्ट्रक्चर से पैरेंट कंपनी को अपनी इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स के प्रयासों को सेंट्रलाइज करने का मौका मिलेगा, जिससे लंबी अवधि में ऑपरेटिंग कॉस्ट कम हो सकती है और टेक्निकल एजिलिटी बढ़ सकती है।

प्रदीप मेनन को कंट्री हेड और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जो भारतीय ऑपरेशन्स का नेतृत्व करेंगे। टेक्नोलॉजी स्टैक और ऑपरेशन्स सपोर्ट टीमों के डायरेक्ट ओनरशिप की ओर बढ़ने वाले ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थानों के ट्रेंड को कंपनी का यह बड़ा परमानेंट प्रेजेंस दर्शाता है।

ऑपरेशनल मॉनिटरेबल्स

पैरेंट कंपनी, Charles Schwab Corporation के लिए, इस विस्तार की सफलता उसके एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी। तीन साल के भीतर 2000 कर्मचारियों तक पहुंचना, रिक्रूटमेंट और ट्रेनिंग की महत्वपूर्ण चुनौतियों के साथ आता है। इसके अलावा, थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर्स से इन-हाउस मॉडल की ओर जाने से एफिशिएंसी बढ़ सकती है, लेकिन यह वेरिएबल वेंडर पेमेंट्स को फिक्स्ड पेरोल और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्चों में बदल देता है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी इन फंक्शन्स को अपने ग्लोबल स्ट्रक्चर में कैसे इंटीग्रेट करती है, साथ ही हैदराबाद मार्केट में टेक्निकल टैलेंट के लिए कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप को कैसे नेविगेट करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.