Cerebras Systems के CEO Andrew Feldman ने AI की ग्रोथ को रोकने वाली ऊर्जा और फिजिकल चुनौतियों पर चिंता जताई है। कंपनी OpenAI के साथ हुए बड़े सौदे को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर्स और मैन्युफैक्चरिंग को तेजी से बढ़ा रही है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
नई तकनीक बनाम पुरानी चुनौती
Cerebras Systems पिछले एक दशक से इंडस्ट्री की लीक से हटकर काम कर रही है। जहां आम तौर पर GPUs को सिलिकॉन वेफर्स से अलग काट कर बनाया जाता है, वहीं कंपनी 'वेफर-स्केल कंप्यूटिंग' का इस्तेमाल करती है। इसके तहत पूरे सिलिकॉन वेफर पर ही प्रोसेसर्स तैयार किए जाते हैं, जिससे बड़े AI वर्कलोड के दौरान आने वाले हार्डवेयर बॉटलनेक्स को खत्म करने का दावा किया गया है।
आक्रामक विस्तार की योजना
कंपनी ने 2027 तक 600 मेगावाट से अधिक डेटा सेंटर क्षमता को चालू करने या कॉन्ट्रैक्ट करने का लक्ष्य रखा है। मांग को पूरा करने के लिए कंपनी 2026 के दौरान अपनी मैन्युफैक्चरिंग स्पीड को 10 गुना से अधिक बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, यूरोप में भी विस्तार की तैयारी है, जहां 2027 के अंत तक 200 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
OpenAI के साथ बड़ी डील
मई में $5.5 बिलियन के IPO के बाद, कंपनी ने OpenAI के साथ एक बहु-वर्षीय समझौता किया है। इस डील के तहत 2026 से 2028 के बीच 750 मेगावाट के सिस्टम तैनात किए जाएंगे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी ने हाल ही में अपना नया प्लेटफॉर्म CS-4 लॉन्च किया है।
बिजनेस रिस्क और चुनौतियां
मैन्युफैक्चरिंग को 10 गुना बढ़ाना एक जटिल कार्य है, जिसमें 'एक्जीक्यूशन रिस्क' भी है। डेटा सेंटर्स के लिए बिजली और कूलिंग की भारी जरूरतें और इंडस्ट्री में ऊर्जा की कमी कंपनी के लिए बड़े जोखिम बन सकते हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी बिना लागत बढ़े अपने लक्ष्यों को समय पर हासिल कर पाती है या नहीं।
