CarTrade Tech के शेयरों में आज ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला, जो पिछले 6 महीनों के उच्चतम स्तर **₹2,949.35** पर पहुँच गया। ऐसा ग्लोबल ब्रोकरेज UBS द्वारा 'Buy' रेटिंग देने के बाद हुआ है। ब्रोकरेज को कंपनी के एसेट-लाइट मॉडल और भारत में यूज्ड-कार मार्केट की बढ़ती डिमांड के कारण रेवेन्यू में तगड़ी ग्रोथ की उम्मीद है।
UBS की 'Buy' रेटिंग और ₹4,000 का टारगेट
मंगलवार को CarTrade Tech का शेयर 5% चढ़कर ₹2,949.35 के स्तर पर पहुँच गया, जो पिछले छह महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस तेजी की वजह ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS की ओर से आई कवरेज इनिशिएशन (coverage initiation) है। UBS ने न सिर्फ स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है, बल्कि ₹4,000 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस भी सेट किया है। आपको बता दें कि CarWale, BikeWale, Shriram Automall और OLX India जैसे प्लेटफॉर्म्स को ऑपरेट करने वाली इस कंपनी के शेयर जून 2026 के बाद से करीब 70% बढ़ चुके हैं।
डिजिटल ऑटो स्पेस में मजबूत पकड़
CarTrade भारतीय डिजिटल ऑटोमोटिव स्पेस में अपनी धाक जमाए हुए है। इसके प्लेटफॉर्म्स पर हर महीने 80 मिलियन से ज़्यादा यूनिक यूज़र्स आते हैं। कंपनी की हालिया रणनीति का एक बड़ा हिस्सा फाइनेंशियल सर्विसेज़ का विस्तार करना है। 28 जून 2026 को, कंपनी के OLX India प्लेटफॉर्म ने IDFC FIRST Bank के साथ मिलकर यूज्ड-कार खरीदने वालों के लिए लोन की सुविधा का ऐलान किया था। इस कदम का मकसद डिजिटल-फर्स्ट ग्राहकों के लिए कार खरीदने की प्रक्रिया को आसान बनाना और सालाना करोड़ों यूज़र्स को मोनेटाइज करना है।
यूज्ड-कार मार्केट में बड़ा अवसर
भारत में यूज्ड-कार का मार्केट हर साल 5.9 मिलियन ट्रांजैक्शंस के आंकड़े को पार कर चुका है और अनुमान है कि 2030 तक यह बढ़कर 9.5 मिलियन तक पहुँच जाएगा। इस मार्केट का साइज़ ₹4 लाख करोड़ से ₹5 लाख करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। CarTrade ऑनलाइन यूज्ड-कार लिस्टिंग्स में 63% से ज़्यादा की हिस्सेदारी रखती है, जो ऑनलाइन व्हीकल की खोज में बढ़ते ट्रेंड को दर्शाता है।
एसेट-लाइट मॉडल और मार्जिन ग्रोथ
UBS के एनालिस्ट्स ने कंपनी के एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल को ऑपरेटिंग लिवरेज (operating leverage) के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर बताया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि CarTrade के ऑपरेटिंग मार्जिन FY26 के 33% से बढ़कर FY30 तक 47% हो सकते हैं, जो ग्लोबल कंपनियों के 50-60% मार्जिन के करीब होंगे। UBS के मुताबिक, FY26 से FY30 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 24% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकती है। यह दर कई मौजूदा मार्केट एक्सपेक्टेशंस से कहीं ज़्यादा है।
निवेशकों के लिए खास बातें
हालांकि बाजार ने इन खबरों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन निवेशकों की निगाहें इस बात पर होंगी कि ये ग्रोथ के अनुमान असल कमाई में कैसे बदलते हैं। OLX India प्लेटफॉर्म का CarTrade के इकोसिस्टम में सफल इंटीग्रेशन और IDFC FIRST Bank पार्टनरशिप के ज़रिए पेश किए जा रहे नए फाइनेंसिंग प्रोडक्ट्स की डिमांड प्रमुख क्षेत्र होंगे जिन पर नज़र रखी जाएगी। इसके अलावा, अपने ऑपरेशंस को बढ़ाते हुए प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने या सुधारने की कंपनी की क्षमता भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। स्टॉक में हालिया रिकवरी, जो इसे मार्च 2026 के 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹1,522.85 से काफी ऊपर ले आई है, यह दर्शाती है कि बाजार इन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ट्रिगर्स पर फोकस कर रहा है।
