CapitaLand India Trust (CLINT) ने चेन्नई में अपने पहले डेटा सेंटर की शुरुआत की है। इस **₹1,940 करोड़** के मेगा प्रोजेक्ट को AI-वर्कलोड के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसके **2026** के अंत तक चालू होने की उम्मीद है।
हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
चेन्नई के अंबत्तूर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित यह प्रोजेक्ट 6 लाख स्क्वायर फीट में फैला हुआ है। कंपनी ने इसे भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है। इस डेटा सेंटर की कुल क्षमता 53 MW है, जिसमें 34 MW केवल IT पावर के लिए समर्पित है। इसमें कुल 13 डेटा हॉल्स होंगे और GPU सर्वर्स की अत्यधिक गर्मी को संभालने के लिए इसमें एडवांस्ड लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
बिजनेस मॉडल और ग्रोथ की रणनीति
CLINT का यह कदम उसके नवी मुंबई वाले प्रोजेक्ट की सफलता के बाद आया है, जहाँ 108 MW की क्षमता पहले ही बड़े ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्मों के साथ लीज पर दी जा चुकी है। इस नए चेन्नई प्रोजेक्ट को CapitaLand India Data Centre Fund के साथ मिलकर डेवलप किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर यह है कि कंपनी कितनी जल्दी इसमें बड़े टेनेंट्स (Tenants) को शामिल कर पाती है। डेटा सेंटर का बिजनेस पूरी तरह से लंबी अवधि के लीज एग्रीमेंट पर निर्भर करता है, जो ट्रस्ट की रेंटल इनकम में सीधे इजाफा करेगा। इसके अलावा, कंपनी अपनी सस्टेनेबिलिटी गोल्स को पूरा करने के लिए इसमें रिन्यूएबल एनर्जी को भी इंटीग्रेट करने की योजना बना रही है।
बाजार का रुख
भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग और AI की बढ़ती लहर के बीच डेटा सेंटर्स में भारी निवेश हो रहा है। CLINT, जो अपनी 30 साल पुरानी विरासत के साथ बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में भी कमर्शियल रियल एस्टेट में मजबूत खिलाड़ी है, अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए अपने पोर्टफोलियो को और विविधता दे रही है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट की सफलता बिजली की निरंतर उपलब्धता और कुशलतापूर्वक संचालन पर निर्भर करेगी, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
