कैमरा बनाने वाली दिग्गज कंपनी Canon अब भारत के तेजी से उभरते सेमीकंडक्टर सेक्टर में कदम रख रही है। कंपनी लोकल चिप मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी अत्याधुनिक लिथोग्राफी (Lithography) इक्विपमेंट सप्लाई करेगी।
जापान की दिग्गज कंपनी Canon ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में अपनी धाक जमाने की तैयारी कर ली है। कंपनी अब चिप निर्माण के लिए जरूरी 'लिथोग्राफी तकनीक' उपलब्ध कराएगी। इसके लिए Canon ने भारत में चिप फैब्रिकेशन यूनिट लगाने वाले डेवलपर्स के साथ बातचीत शुरू कर दी है, ताकि India Semiconductor Mission के तहत बन रही मैन्युफैक्चरिंग लाइनों में इनकी मशीनों का इस्तेमाल हो सके।
इमेजिंग से आगे बढ़ते कदम
Canon इंडिया अब सिर्फ कैमरों और प्रिंटर तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए मेडिकल सिस्टम और इंडस्ट्रियल सर्विलांस के बाद अब सीधे सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में उतर रही है। कंपनी ने अपनी मशीनों को दुरुस्त रखने के लिए 24/7 सर्विस सेंटर स्थापित करने की भी योजना बनाई है, जो इस हाई-प्रिसिजन इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी है।
राह में हैं बड़ी चुनौतियां
सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट बाजार में एंट्री करना आसान नहीं है। यहाँ पहले से ही ASML जैसी दिग्गज कंपनियों का दबदबा है। सबसे बड़ी चुनौती 'क्वालिफिकेशन पीरियड' की है, जिसमें 9 से 18 महीने तक का समय लग सकता है। इसका मतलब यह है कि कंपनी को मुनाफे के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
इसके अलावा, Canon की सफलता भारत में लगने वाले चिप प्लांट्स के समय पर शुरू होने पर निर्भर करती है। हालांकि Canon इंडिया एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी है, लेकिन यह कदम कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस पर बड़ा असर डालेगा। निवेशकों को अब इस मिशन की प्रगति और प्रोजेक्ट्स के चालू होने पर नजर रखनी चाहिए।
