कैलिफोर्निया के गवर्नर Gavin Newsom ने बच्चों की सुरक्षा के लिए नए सख्त कानून लागू किए हैं। अब 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए 'एडिक्टिव' फीचर्स पर बैन होगा और नियमों के उल्लंघन पर प्रति बच्चा **$10 लाख** तक का जुर्माना लग सकता है।
सख्त नियम और भारी जुर्माना
10 सितंबर, 2026 को कैलिफोर्निया में लागू हुए इन नए कानूनों ने सोशल मीडिया और AI कंपनियों के लिए चुनौती बढ़ा दी है। अब कंपनियों को 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए 'इनफिनिट स्क्रॉलिंग' (infinite scrolling) और 'ऑटोप्ले' (autoplay) जैसे एडिक्टिव फीचर्स हटाने होंगे। साथ ही, AI चैटबॉट डेवलपर्स को अब किसी भी नए अपडेट से पहले रिस्क असेसमेंट करना अनिवार्य होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम
यह नियम कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सीधा प्रहार है। ग्लोबल टेक दिग्गज, जो एडवरटाइजिंग रेवेन्यू के लिए एंगेजमेंट-ड्रिवेन एल्गोरिदम पर निर्भर हैं, उन्हें अब अपने प्लेटफॉर्म को फिर से डिजाइन करना होगा। इससे कंपनियों की ऑपरेश्नल कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट AI ऑडिटिंग की प्रक्रिया से सॉफ्टवेयर अपडेट्स की रफ्तार धीमी होने की भी आशंका है।
भारतीय IT सेक्टर पर असर
भारतीय निवेशकों के लिए यह स्थिति मिली-जुली है। एक तरफ, वैश्विक टेक कंपनियों को अपने सिस्टम्स को इन नियमों के अनुरूप ढालने के लिए नई सॉफ्टवेयर और ऑडिट सेवाओं की जरूरत होगी, जिससे भारतीय IT कंपनियों को नए प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, ग्लोबल क्लाइंट्स के बढ़ते कंप्लायंस खर्च के कारण वे अपने ओवरऑल IT बजट में कटौती कर सकते हैं।
कानूनी जंग की तैयारी
फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है क्योंकि बड़ी टेक कंपनियां इन नियमों को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनियों के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखें, क्योंकि कानूनी लड़ाइयां इन नियमों के क्रियान्वयन में देरी या बदलाव ला सकती हैं।
