CG Power and Industrial Solutions की सब्सिडियरी, Axiro Semiconductor ने अमेरिका स्थित स्टार्टअप ThinSiC में लीड इन्वेस्टर के तौर पर हाथ मिलाया है। यह साझेदारी कम लागत वाले सिलिकॉन कार्बाइड (Silicon Carbide) पावर डिवाइस विकसित करने पर केंद्रित है।
हाई-टेक चिप्स की ओर कदम
CG Power and Industrial Solutions ने सेमीकंडक्टर स्पेस में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ा दांव खेला है। कंपनी की सब्सिडियरी Axiro Semiconductor ने सिलिकॉन वैली के स्टार्टअप ThinSiC में निवेश किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सिलिकॉन कार्बाइड पावर डिवाइसेज बनाना है, जो हाई-एफिशिएंसी पावर मैनेजमेंट के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
क्यों है यह तकनीक अहम?
सिलिकॉन कार्बाइड पारंपरिक सिलिकॉन के मुकाबले काफी बेहतर है, खासकर तब जब बात हाई-टेंपरेचर और हाई-पावर की हो। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी और रेल ट्रैक्शन जैसे सेक्टरों में यह तकनीक पावर कन्वर्जन की क्षमता को काफी बढ़ा देती है। CG Power इस नई तकनीक के जरिए अपने रेल और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट को ज्यादा स्मार्ट और एडवांस बनाना चाहती है।
भारत के लिए क्या हैं चुनौतियां?
सिलिकॉन कार्बाइड के साथ सबसे बड़ी समस्या उसकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट है, जो काफी अधिक रहती है। ThinSiC की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके CG Power इसे सस्ता बनाने की कोशिश करेगी, ताकि भारतीय मार्केट में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो सके।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह कदम भारत की 'इंपोर्ट डिपेंडेंसी' घटाने की दिशा में एक बड़ी कोशिश है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि सेमीकंडक्टर बिजनेस में रिस्क और टाइमलाइन काफी लंबी होती है। प्रोडक्शन को स्केल करने की क्षमता और मार्जिन को मेंटेन रखते हुए नई टेक्नोलॉजी को मार्केट में उतारना ही कंपनी की असली परीक्षा होगी।
