CG Power and Industrial Solutions ने अपने IT सिस्टम में एक संदिग्ध साइबर घटना की रिपोर्ट दी है। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि उनके मुख्य मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस बीच, पहले तिमाही के नतीजों से बाजार की उम्मीदों पर खरा न उतरने के बाद शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।
क्या हुआ CG Power के साथ?
CG Power and Industrial Solutions Ltd ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने अपने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सिस्टम में एक संदिग्ध साइबर घटना का पता लगाया है। शेयरधारकों और ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए, कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि इस सेंधमारी से उनके मुख्य विनिर्माण (manufacturing) प्रक्रियाओं या दिन-प्रतिदिन के कारोबारी ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है।
एक्शन में कंपनी
समस्या से निपटने के लिए, कंपनी ने बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को काम पर रखा है। ये विशेषज्ञ एक फोरेंसिक जांच करेंगे और आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करेंगे। साथ ही, कंपनी ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) को भी इस घटना के बारे में सूचित कर दिया है, जैसा कि नियामक प्रोटोकॉल के तहत जरूरी है।
नतीजों का असर और शेयर का प्रदर्शन
यह घटना ऐसे समय में आई है जब कंपनी का शेयर दबाव में है। हाल ही में यह ₹891 के 52-हफ्ते के निचले स्तर को छू गया था, और फिलहाल यह लगभग ₹894 पर कारोबार कर रहा है। यह गिरावट कंपनी की पहली तिमाही की वित्तीय रिपोर्ट के बाद आई है, जिसके नतीजों को लेकर बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही है। जून तिमाही में CG Power का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹313 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 16.26% अधिक है, लेकिन यह कई मार्केट एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कम था।
ऑपरेशन्स से राजस्व (Revenue) ₹3,280.8 करोड़ रहा, जिसमें साल-दर-साल 14% की वृद्धि देखी गई, लेकिन यह भी अनुमानों से कम रहा। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA, यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट, केवल 4% बढ़कर ₹397 करोड़ रहा, और मार्जिन घटकर 12% रह गया। मार्जिन पर यह दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय रहा है। अब यह देखना होगा कि क्या साइबर घटना से कंपनी को अतिरिक्त लागत आती है या परिचालन में कोई देरी होती है, जिससे लाभप्रदता (profitability) पर और असर पड़ सकता है।
विस्तार योजनाओं पर भी नजर
आईटी सुरक्षा चिंताओं और मार्जिन दबाव के बावजूद, कंपनी अपनी विकास रणनीति पर आगे बढ़ रही है। बोर्ड ने अपने नासिक (Nashik) प्लांट में EHV GIS (Extra High Voltage Gas Insulated Switchgear) के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना को मंजूरी दी है।
इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹35.2 करोड़ खर्च होने का अनुमान है और इसका लक्ष्य चार से छह महीनों के भीतर विनिर्माण क्षमता को दोगुना करना है। कंपनी इस विस्तार के लिए आंतरिक कमाई या इक्विटी से फंड करने की योजना बना रही है। निवेशक इस विस्तार की प्रगति के साथ-साथ साइबर घटना के समाधान पर भी नजर रखेंगे। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मैनेजमेंट इस आईटी घटना के संभावित वित्तीय प्रभाव के बारे में क्या कहता है और क्या कंपनी अपनी क्षमता विस्तार योजनाओं को लागू करते हुए मार्जिन सुधार के रास्ते पर बनी रह सकती है।
