AI रेगुलेशन पर CERT-In का कड़ा एक्शन: जारी की नई गाइडलाइन्स, कंपनियों पर बढ़ेगा Compliance का बोझ

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
AI रेगुलेशन पर CERT-In का कड़ा एक्शन: जारी की नई गाइडलाइन्स, कंपनियों पर बढ़ेगा Compliance का बोझ

भारत सरकार की संस्था CERT-In ने AI एजेंट्स के लिए सुरक्षा नियम जारी कर दिए हैं। अब AI सिस्टम को चार रिस्क टियर्स में बांटा जाएगा और इसमें ह्यूमन ओवरसाइट अनिवार्य होगी।

सुरक्षा का नया खाका

भारत की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने 4 नवंबर, 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम्स के लिए एक विस्तृत सुरक्षा फ्रेमवर्क पेश किया है। इसका मुख्य उद्देश्य डेटा लीक, अनधिकृत नेटवर्क एक्सेस और AI के गलत इस्तेमाल को रोकना है।

चार स्तरों में बंटा रिस्क

नई गाइडलाइन्स के तहत AI सिस्टम्स को 4 रिस्क टियर्स (निम्न से लेकर क्रिटिकल तक) में वर्गीकृत किया गया है। क्रिटिकल सिस्टम्स के लिए नियम बेहद सख्त होंगे, जहाँ AI को यूजर या टूल्स के सभी एक्सेस राइट्स नहीं मिलेंगे। इसके पीछे सरकार का मकसद है कि AI का इस्तेमाल केवल जरूरी डेटा तक ही सीमित रहे और किसी भी अनधिकृत हरकत (Lateral Movement) को रोका जा सके।

'Human-in-the-loop' अनिवार्य

सबसे अहम बदलाव 'ह्यूमन-इन-द-लूप' का है। अब हाई-इंपैक्ट वाले किसी भी फैसले को AI अकेले नहीं ले पाएगा। हर बड़े निर्णय के लिए एक मानव (Human Reviewer) की मंजूरी जरूरी होगी। इसके अलावा, कंपनियों को 180 दिनों का ऑडिट लॉग मेंटेन करना होगा ताकि फोरेंसिक जांच में आसानी हो।

निवेशकों और कंपनियों के लिए क्या हैं मायने?

  • बढ़ता खर्च: आईटी कंपनियों और AI सॉल्यूशंस देने वाली फर्मों को अब सुरक्षा और ऑडिट के लिए अतिरिक्त फंड्स आवंटित करने होंगे।
  • नया ब्लू प्रिंट: हालांकि ये गाइडलाइन्स अभी नॉन-बाइंडिंग हैं, लेकिन इसे भविष्य के कड़े कानूनी नियमों का आधार माना जा रहा है।
  • ऑपरेटिंग चुनौतियां: कंपनियों को 6 घंटे के भीतर किसी भी सुरक्षा घटना की रिपोर्ट करनी होगी, साथ ही 'प्रॉम्प्ट इंजेक्शन' जैसे साइबर हमलों से निपटने के लिए नई तकनीकें अपनानी होंगी।

अब बाजार की नजरें इस पर टिकी हैं कि कितनी तेजी से भारतीय एंटरप्राइजेज अपने सिस्टम को इन मानकों के अनुरूप ढालते हैं, क्योंकि इससे आईटी बजट में सुरक्षा के मद पर खर्च काफी बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.