CERT-In ने Tata Motors के iRA 2.0 और iRA.ev ऐप्स को लेकर हाई-सीवियरिटी (High-Severity) अलर्ट जारी किया है। इन सुरक्षा खामियों के जरिए संवेदनशील डेटा और व्हीकल कमांड्स तक अनधिकृत पहुंच का खतरा है। कंपनी ने फिक्स के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट जारी कर दिए हैं।
सुरक्षा अलर्ट की मुख्य बातें
4 नवंबर, 2026 को Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने अपनी एडवाइजरी में Tata Motors के कनेक्टेड व्हीकल ऐप्स में सुरक्षा के बड़े रिस्क बताए हैं। यह अलर्ट विशेष रूप से iRA 2.0 (वर्जन 26.7.3 और उससे नीचे) और iRA.ev (वर्जन 26.7.2 और उससे नीचे) के लिए है। इन ऐप्स में हार्डकोडेड क्रेडेंशियल्स और ऑथेंटिकेशन टोकन लॉग्स में स्टोर होने जैसी गंभीर तकनीकी खामियां पाई गई हैं।
रिस्क का स्तर
ये खामियां साइबर अपराधियों को डेटा में हेरफेर करने, यूजर्स को इम्पर्सोनेट करने या गाड़ी के रिमोट कमांड्स का गलत इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकती हैं। चूंकि ये ऐप्स गाड़ी की हेल्थ और ट्रिप लॉगिंग जैसे अहम फीचर्स मैनेज करते हैं, इसलिए यह सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से बड़ा रिस्क है।
निवेशकों के लिए सबक
कंपनी ने iRA 2.0 के लिए वर्जन 26.8.2 और iRA.ev के लिए वर्जन 26.9.1 का पैच जारी कर दिया है। ऑटो सेक्टर के लिए यह घटना एक वेक-अप कॉल है। जैसे-जैसे ऑटो कंपनियां 'कनेक्टेड व्हीकल' तकनीक की ओर बढ़ रही हैं, साइबर सुरक्षा अब सिर्फ एक तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि ऑपरेशनल और रिपुटेशनल रिस्क का बड़ा हिस्सा बन गई है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी भविष्य में अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना निवेश करती है और इस तरह के रिस्क को कितनी तेजी से मैनेज करती है।
