C-Dot का बड़ा ऐलान: अब सरकारी ग्रांट पर निर्भरता खत्म, **₹6,000 करोड़** के रेवेन्यू का लक्ष्य

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
C-Dot का बड़ा ऐलान: अब सरकारी ग्रांट पर निर्भरता खत्म, **₹6,000 करोड़** के रेवेन्यू का लक्ष्य

सरकारी टेलीकॉम रिसर्च संस्था C-Dot अब आत्मनिर्भर बनने की राह पर है। अगले 2 सालों में कंपनी का लक्ष्य सरकारी मदद छोड़कर खुद के दम पर **₹6,000 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए स्वदेशी 5G और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर जोर दिया जा रहा है।

सरकारी टेलीकॉम रिसर्च संस्था Centre for Development of Telematics (C-Dot) ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। दशकों से सरकारी बजट पर निर्भर रहने के बाद, अब संस्था ने अगले 24 महीने में पूरी तरह से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस नई रणनीति के तहत, संस्था का इमीडिएट रेवेन्यू टारगेट ₹6,000 करोड़ है, जिसे अगले 5 वर्षों में बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ तक ले जाने की योजना है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि C-Dot एक सरकारी संस्था है और यह शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का किसी शेयर प्राइस पर असर नहीं होगा।

नई कमाई का जरिया

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए C-Dot अपने टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो का कमर्शियलाइजेशन (व्यावसायीकरण) कर रही है। फिलहाल संस्था को फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹454 करोड़ का सरकारी बजट मिला है, लेकिन अब फोकस सरकारी ग्रांट से हटकर मार्केट रेवेन्यू पर है।

5G और क्वांटम सुरक्षा पर दांव

  1. 5G टेक्नोलॉजी: कंपनी BSNL के साथ मिलकर स्वदेशी 4G नेटवर्क रोलआउट कर चुकी है और अब जल्द ही स्टैंडअलोन 5G कोर आर्किटेक्चर और रेडियो सिस्टम तैनात करेगी, जो प्राइवेट ऑपरेटर्स की ग्लोबल टेक्नोलॉजी को टक्कर देंगे।
  2. क्वांटम-सेफ टेक्नोलॉजी: बैंकिंग और डिफेंस सेक्टर के लिए 2029 तक क्वांटम-सिक्योर इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य होने वाला है, जिसे देखते हुए C-Dot अपनी सिक्योरिटी सर्विसेज को बड़े पैमाने पर बेचने की तैयारी कर रही है।

चुनौतियां और रिस्क

सरकारी रिसर्च लैब से एक कमर्शियल कॉम्पिटिटर बनने का सफर आसान नहीं होगा। C-Dot को साबित करना होगा कि उसकी तकनीक ग्लोबल वेंडर्स के मुकाबले बेहतर और स्केलेबल है। कंपनी ने अब मार्केटिंग पर जोर देने के लिए नए सेल्स लीडर्स नियुक्त किए हैं और सिस्टम इंटीग्रेटर्स के साथ रेवेन्यू-शेयरिंग पार्टनरशिप की शुरुआत की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि मार्केट C-Dot की इस नई कमर्शियल रणनीति को कितना स्वीकार करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.