फ्रांसीसी सुपरकंप्यूटर निर्माता Bull ने अपने कंपोनेंट सोर्सिंग में बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन मेमोरी चिप्स के लिए एशियाई निर्माताओं पर निर्भरता कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में यूरोपीय आत्मनिर्भरता का सफर एक अहम पड़ाव पर पहुँच चुका है। फ्रांस की सुपरकंप्यूटर कंपनी Bull ने पुष्टि की है कि अब उनके मशीनों के लगभग 70% कंपोनेंट, जिनमें कूलिंग सिस्टम, सर्किट बोर्ड और इंटरकनेक्ट शामिल हैं, यूरोप के भीतर ही तैयार किए जा रहे हैं। यह 5 साल पहले के 20% से 30% के सोर्सिंग स्तर से काफी बड़ा सुधार है।
प्रोसेसर और स्थानीय साझेदारी
Bull ने SiPearl, Openchip और Vsora जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी करके यूरोप में ही प्रोसेसर क्षमता विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। हालांकि सुपरकंप्यूटर की कुल वैल्यू में प्रोसेसर की हिस्सेदारी केवल 10% से 20% होती है, लेकिन इसका स्थानीयकरण ट्रेड शॉक से बचने के लिए बेहद जरूरी है।
मेमोरी चिप का बड़ा संकट
अन्य क्षेत्रों में तरक्की के बावजूद मेमोरी चिप्स अभी भी यूरोप के लिए सबसे बड़ी कमजोरी है। वैश्विक स्तर पर Samsung, SK Hynix और Micron का 90% से अधिक मेमोरी प्रोडक्शन पर कब्जा है। यूरोप के पास कोई भी स्थानीय विकल्प न होने के कारण यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स पर निर्भर है।
मौजूदा समय में AI की बढ़ती डिमांड ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। AI सेक्टर द्वारा भारी मात्रा में मेमोरी चिप्स की खपत के कारण DRAM और NAND फ्लैश की उपलब्धता कम हो गई है और कीमतें आसमान छू रही हैं।
प्रोजेक्ट की स्थिरता पर खतरा
Bull जैसी कंपनियों के लिए यह निर्भरता अनिश्चित लागत और सप्लाई चेन का रिस्क लेकर आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यूरोप अपनी मेमोरी फैब्रिकेशन यूनिट्स बनाने पर विचार कर रहा हो, लेकिन इसे कमर्शियल स्केल तक पहुंचने में लंबा वक्त लगेगा। ऐसे में आने वाले समय में सुपरकंप्यूटर प्रोजेक्ट्स की लागत और डिलीवरी टाइमलाइन पर इन सप्लाई चेन बाधाओं का बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
