बेंगलुरु स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी BreachX ने 'Typhon' लॉन्च किया है, जो एयर-गैप्ड और प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर में ज़ीरो-डे वल्नरेबिलिटी को खोजने में सक्षम है। यह बिना किसी बाहरी क्लाउड सपोर्ट के काम करता है। ध्यान दें, कंपनी फिलहाल अनलिस्टेड है।
बेंगलुरु की साइबर सुरक्षा फर्म BreachX ने अपने नए सॉवरेन AI मॉडल्स के सेट 'Typhon' को पेश किया है। खास बात यह है कि यह सिस्टम डेटा प्रोसेस करने के लिए किसी पब्लिक क्लाउड का इस्तेमाल नहीं करता, बल्कि यह क्लाइंट के प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर ही काम करता है। इसमें एयर-गैप्ड सिस्टम भी शामिल हैं, जो इंटरनेट से पूरी तरह अलग होते हैं, जिससे डेटा की गोपनीयता बनी रहती है।
Typhon की खासियतें
इस सूट में 4 मॉडल्स शामिल हैं: Typhon Gov, Typhon Mil, Typhon Enterprise, और Typhon OT। इसमें 'PatchZero' तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो वेंडर द्वारा आधिकारिक पैच जारी करने से पहले ही खतरों को भांपकर सुरक्षा उपाय तैयार कर लेती है।
टेस्टिंग के नतीजे
8 हफ्तों के टेस्टिंग फेज में, इस AI ने 100 से ज्यादा अज्ञात खामियों (vulnerabilities) का पता लगाया, जिनमें से 5 की पहचान 'Common Vulnerabilities and Exposures' (CVEs) के रूप में हुई है।
निवेशकों के लिए अहम बात
हालांकि यह टेक्नोलॉजी साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है, लेकिन निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि BreachX अभी एक प्राइवेट कंपनी है और इसके शेयर NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होते। इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए टैलेंट की लागत और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में लगने वाला लंबा समय एक बड़ी चुनौती बनी रहती है।
