European Commission ने Booking.com के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू कर दी है। कंपनी पर फेक लिस्टिंग और फिशिंग (Phishing) के जोखिमों का आरोप है। डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत, दोषी पाए जाने पर कंपनी को अपने ग्लोबल एनुअल टर्नओवर का **6%** तक जुर्माना भरना पड़ सकता है।
जांच के दायरे में Booking.com
यूरोपीय संघ (European Union) ने अपने 'डिजिटल सर्विसेज एक्ट' (Digital Services Act) के तहत Booking.com पर शिकंजा कसा है। रेगुलेटर इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह ट्रैवल प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को फर्जी प्रॉपर्टी लिस्टिंग और साइबर धोखाधड़ी जैसे फिशिंग हमलों से बचाने में विफल रहा है।
रेगुलेटर की मुख्य चिंताएं:
- फेक प्रॉपर्टी लिस्टिंग: क्या प्लेटफॉर्म उन प्रॉपर्टीज को लिस्ट होने दे रहा है जिनका अस्तित्व ही नहीं है या जो असली होस्ट का रूप धरकर ग्राहकों को गुमराह कर रही हैं।
- फिशिंग का खतरा: प्लेटफॉर्म और अकोमोडेशन प्रोवाइडर्स के बीच शेयर किए जाने वाले डेटा की सुरक्षा पर सवाल, जिससे डेटा चोरी का जोखिम बढ़ता है।
- पेड एडवरटाइजमेंट: प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले बूस्टेड विज्ञापनों में पारदर्शिता की कमी, जिससे ग्राहकों को यह स्पष्ट नहीं होता कि क्या विज्ञापन है और क्या ओरिजिनल सर्च रिजल्ट।
निवेशकों के लिए जोखिम (Investor Alert)
Booking Holdings के निवेशकों के लिए यह एक बड़ा रेगुलेटरी रिस्क है। यदि जांच में सिस्टम फेलियर साबित होता है, तो यूरोपियन कमीशन कंपनी के कुल ग्लोबल सालाना टर्नओवर का 6% तक जुर्माना लगा सकता है। भारी जुर्माने के अलावा, EU की शर्तों को पूरा करने के लिए कंपनी को अपने ऑपरेशनल स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं, जिससे कंपनी का खर्च (Compliance Cost) बढ़ सकता है।
फिलहाल कंपनी ने सफाई दी है कि वे यूरोपियन कमीशन के साथ सहयोग कर रहे हैं और यूजर्स की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। हालांकि, मार्केट के जानकारों का मानना है कि यह जांच भविष्य में ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के लिए वेरिफिकेशन के कड़े मानक तय कर सकती है।
