बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) की एक नई रिपोर्ट बताती है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल में तो दुनिया में सबसे आगे है, लेकिन इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में अभी पीछे है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार सालों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकारी खर्च, निजी कंपनियों के निवेश से कहीं ज्यादा हो गया है।
Detailed Coverage
AI के इस्तेमाल में भारत अव्वल, पर तैयारी में पीछे
बैंक ऑफ अमेरिका ग्लोबल रिसर्च (Bank of America Global Research) की एनालिसिस के अनुसार, भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रैक्टिकल इस्तेमाल में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूजर्स टेक्नोलॉजी को अपनाने में बहुत आगे हैं, लेकिन AI के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर (Foundation Infrastructure) के मामले में देश अभी भी अपने कई ग्लोबल साथियों से पीछे है।
AI फंडिंग का बदला मिजाज
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के शुरुआती डेवलपमेंट में निजी कंपनियों से मिलने वाले फंड की कमी एक बड़ी रुकावट रही है। हालांकि, पिछले चार सालों में स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। अब सरकार AI के लिए अपना खुद का एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार करने पर ज्यादा जोर दे रही है, और इस पर होने वाला सरकारी खर्च, पिछले बारह सालों में निजी क्षेत्र के कुल निवेश से भी आगे निकल गया है। इससे साफ है कि देश के हार्डवेयर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने में सरकारी मदद सबसे आगे है, जो फिलहाल देश के पास नहीं है।
भविष्य की राह और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतें
भारत को अभी कंप्यूटिंग पावर (Computing Power) और डेटा सेंटर्स (Data Centers) जैसी चीजों में सुधार की जरूरत है। इसके बावजूद, लंबे समय के लिए तस्वीर पॉजिटिव दिख रही है। सरकार की पॉलिसी और स्ट्रैटेजिक कैपिटल स्पेंडिंग (Strategic Capital Spending) का मकसद बेसिक यूटिलिटी और हाई-एंड AI डेवलपमेंट के बीच के अंतर को पाटना है। निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स के लिए यह देखना अहम होगा कि सरकारी पहलों से एक सेल्फ-सस्टेनिंग इकोसिस्टम (Self-sustaining ecosystem) कितना सफल होता है।
निवेशकों के लिए खास बातें
भारत का AI का ज्यादा इस्तेमाल और इंफ्रास्ट्रक्चर में पीछे होना यह दिखाता है कि इस सेक्टर का भविष्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार और बड़े पैमाने पर निर्भर करेगा। निवेशक सरकारी डिजिटल मिशन की प्रगति, डोमेस्टिक डेटा सेंटर कैपेसिटी (Domestic data center capacity) में बढ़ोतरी और क्या प्राइवेट कंपनियां भी सरकार के निवेश के बराबर खर्च करेंगी, इस पर नजर रख सकते हैं। भारत की AI महत्वाकांक्षा की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च देश की सॉफ्टवेयर और डिजिटल एडॉप्शन (Digital adoption) की मौजूदा ताकत को सहारा दे पाता है।
