Bank of America Securities (BofA) का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय इंटरनेट कंपनियों के लिए कमाई का एक नया जरिया बन सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI की मदद से कंपनियां अपने मार्केट का दायरा बढ़ा सकती हैं और विज्ञापन से होने वाली कमाई (Ad Revenue) में सुधार कर सकती हैं।
AI देगा Meesho और Eternal को बूस्ट
BofA की रिपोर्ट ने भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म सेक्टर के लिए एक नया नजरिया पेश किया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि AI, इन कंपनियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि कमाई बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। खास तौर पर, Meesho और Eternal जैसी कंपनियों के लिए AI के इस्तेमाल से नए ग्राहक जोड़ने और मुनाफे को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
Meesho के लिए, वॉयस-आधारित शॉपिंग असिस्टेंट 'वाणी' (Vaani) गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह छोटे शहरों के उन ग्राहकों को जोड़ने में मदद करेगा, जो टेक्स्ट-आधारित इंटरफेस के बजाय बोलकर शॉपिंग करना पसंद करते हैं। यह बड़े मार्केट तक पहुंचने का एक बड़ा मौका है।
वहीं, Eternal अपनी इंटरनल डेटा का इस्तेमाल करके विज्ञापन (Advertising) को और सटीक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। फर्स्ट-पार्टी डेटा, जैसे कि खरीदारी का इतिहास और ब्राउजिंग पैटर्न, का उपयोग करके, कंपनी विज्ञापन की सटीकता बढ़ाएगी। इससे ब्रांड्स को बेहतर रिटर्न मिलेगा और Eternal की एड रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी।
AI के खर्चे और कॉम्पिटिशन का रिस्क
हालांकि, BofA ने कुछ चुनौतियों पर भी ध्यान दिलाया है। भारतीय इंटरनेट प्लेटफॉर्म के लिए 'एवरेज रेवेन्यू पर यूजर' (ARPU) कम होना एक बड़ी चिंता है। AI मॉडल्स को इंटीग्रेट करने से टोकन और कंप्यूटिंग की लागतें बढ़ सकती हैं, जिससे प्रॉफिट मार्जिन कम हो सकता है।
इसके अलावा, 'एजेंट' रिस्क भी है। AI जहां स्थापित कंपनियों की मदद कर रहा है, वहीं यह छोटे कॉम्पिटिटर्स के लिए भी एंट्री बैरियर को कम कर सकता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि ये कंपनियां अपना मार्केट शेयर कैसे बनाए रखती हैं और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और कैश फ्लो के बीच संतुलन कैसे बनाती हैं। अगले 12 से 18 महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये टेक्नोलॉजीज बढ़ी हुई एंगेजमेंट को कमाई में कैसे बदल पाती हैं।
