Zinka Logistics Solutions (BlackBuck) के सितंबर तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹235.3 करोड़** रहा और नेट प्रॉफिट **42%** बढ़कर **₹41.4 करोड़** पहुंचा, लेकिन ऑपरेशनल खर्चों में **64%** की भारी बढ़ोतरी ने मुनाफे की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹41.4 करोड़ रहा है, जो सालाना आधार पर 42% की बढ़त है। हालांकि, इस ग्रोथ के पीछे का असली इंजन बिजनेस की परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि टैक्स में आई भारी कटौती रही है। पिछले साल टैक्स खर्च ₹9.7 करोड़ था, जो इस बार घटकर सिर्फ ₹1.4 करोड़ रह गया है।
क्यों बढ़ रहे हैं खर्च?
कंपनी के ऑपरेशनल खर्च 64% उछलकर ₹210.3 करोड़ हो गए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि यह खर्च कंपनी के 'Superloads' प्लेटफॉर्म को तेजी से स्केल करने और नए कस्टमर्स जोड़ने की वजह से हुआ है। निवेशकों के लिए असली चुनौती यह देखना है कि क्या यह आक्रामक विस्तार भविष्य में मार्जिन में सुधार लाएगा, या यह कंपनी के बॉटम लाइन पर बोझ बना रहेगा।
सेगमेंट का प्रदर्शन
- कोर बिजनेस: टोल पेमेंट और व्हीकल ट्रैकिंग जैसे सेगमेंट में 31% की ग्रोथ देखी गई और रेवेन्यू ₹161.4 करोड़ रहा।
- ग्रोथ सेगमेंट: यह हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है (166% ग्रोथ के साथ ₹73.9 करोड़), लेकिन यहाँ अभी भी नुकसान हो रहा है। BlackBuck Finserve को ₹1.7 करोड़ का घाटा हुआ है।
अक्टूबर में कंपनी ने अपना 'Loads' बिजनेस BlackBuck Transport Services Private Limited में ट्रांसफर कर एक बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग कदम भी उठाया है, ताकि अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स पर बेहतर फोकस किया जा सके।
