Bitchat India: सरकारी बैन के बावजूद ऐप की धूम, डाउनलोड्स में आई रिकॉर्ड तेजी!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bitchat India: सरकारी बैन के बावजूद ऐप की धूम, डाउनलोड्स में आई रिकॉर्ड तेजी!

इंटरनेट-फ्री मैसेजिंग ऐप Bitchat ने भारत में धूम मचा दी है। जुलाई के अंत में सरकारी हटाने के आदेश के बावजूद, भारत से ऐप की डाउनलोडिंग में भारी उछाल देखा गया, जो वैश्विक गतिविधि का **84%** रहा। यह तेजी ऐप के सोर्स कोड को लेकर चल रही कानूनी चुनौतियों के बीच हुई है।

Detailed Coverage

भारत में Bitchat की तूफानी रफ्तार

मैसेजिंग ऐप Bitchat भारत में तेजी से पॉपुलर हो रहा है, भले ही यह रेगुलेटरी दबाव का सामना कर रहा है। Appfigures के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई, 2026 को खत्म हुए 30 दिनों की अवधि में, ऐप की कुल ग्लोबल डाउनलोडिंग में भारत का योगदान 53% रहा। खास बात यह है कि 20 जुलाई के बाद से यह रफ्तार और तेज हो गई, और इस अवधि के आखिरी सात दिनों में भारत से 84% डाउनलोड्स हुए।

ग्रोथ के आंकड़े क्या कहते हैं?

20 जुलाई से नए इंस्टॉलेशन की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। आंकड़ों के अनुसार, भारत में डेली इंस्टॉल 19 जुलाई को 291 से बढ़कर 23 जुलाई तक 28,000 से अधिक हो गए। इस धमाकेदार ग्रोथ के चलते ऐप ने प्रमुख मोबाइल प्लेटफॉर्म पर अपनी जगह बनाई है। 24 जुलाई तक, Bitchat भारत में Apple App Store पर सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में सातवें स्थान पर पहुंच गया, जो सिर्फ चार दिन पहले 46वें स्थान पर था। Google Play Store पर, ऐप 22 जुलाई को लिस्ट हुआ और कम्युनिकेशन ऐप्स में 23वें स्थान पर आ गया। आंकड़ों से पता चलता है कि इस ग्रोथ में 76% के साथ एंड्रॉइड डिवाइस सबसे आगे रहे।

कानूनी पेंच और सरकार का रुख

यह सारी ग्रोथ उस वक्त हो रही है जब सरकार ने GitHub से ऐप का सोर्स कोड हटाने का आदेश दिया है। इस आदेश का विरोध नागरिक स्वतंत्रता संगठनों, विशेष रूप से इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने किया है। IFF ने इस कदम को ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर पर प्रतिबंध बताते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। IFF ने सरकारी कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई है और कहा है कि ऐसे कदम भारत में डेवलपर्स और सॉफ्टवेयर एक्सेस के व्यापक इकोसिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।

बाजार विश्लेषकों के लिए यह स्थिति टेक्नोलॉजी एडॉप्शन और रेगुलेटरी रिस्क का एक जटिल संगम प्रस्तुत करती है। जहां ऐप ने यूजर्स को तेजी से आकर्षित किया है, वहीं इसकी दीर्घकालिक प्रासंगिकता इन कानूनी विवादों के समाधान से जुड़ी है। स्टेकहोल्डर्स के लिए मुख्य बात यह होगी कि सरकारी आदेश के खिलाफ चुनौती का क्या नतीजा निकलता है और क्या ऐप अपनी मौजूदा यूजर ग्रोथ को बनाए रख पाता है, अगर प्लेटफॉर्म उपलब्धता या कोड एक्सेस पर आगे और प्रतिबंध लगते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.