क्रिप्टो एक्सचेंज Binance ने अपने 9वें सालगिरह पर 32.3 करोड़ यूजर्स और कुल **$156 ट्रिलियन** का ट्रेडिंग वॉल्यूम पार करने का ऐलान किया है। अब यह एक्सचेंज पारंपरिक फाइनेंस के प्रोडक्ट्स, जैसे स्टॉक्स और ETFs को भी अपनी सेवाओं में शामिल करने की तैयारी में है, ताकि दुनिया भर में ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके।
9 साल में $156 ट्रिलियन का कारोबार, 32.3 करोड़ यूजर्स
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance ने 14 जुलाई 2026 को अपनी 9वीं सालगिरह मनाई। इस मौके पर कंपनी ने बताया कि अब उनके प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 32.3 करोड़ पार कर गई है। वहीं, Binance का कुल लाइफटाइम ट्रेडिंग वॉल्यूम $156 ट्रिलियन से अधिक हो गया है। खास बात यह है कि साल 2026 के पहले छह महीनों में ही इसमें $11.4 ट्रिलियन का इजाफा हुआ है। यह ग्रोथ दिखाता है कि Binance अब सिर्फ एक डिजिटल एसेट एक्सचेंज से आगे बढ़कर एक कॉम्प्रीहेंसिव फाइनेंशियल सुपर ऐप बनने की राह पर है।
ट्रेडिशनल फाइनेंस की दुनिया में Binance
अपने मुख्य क्रिप्टो ट्रेडिंग बिजनेस से हटकर, Binance अब पारंपरिक वित्तीय साधनों को भी अपने प्लेटफॉर्म पर ला रहा है। जून 2026 से शुरू हुई डायरेक्ट स्टॉक ट्रेडिंग सर्विस ने पहले 30 दिनों में ही $1 अरब का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) आकर्षित किया। वहीं, इसके टोकनाइज्ड यूएस सिक्योरिटीज, जिन्हें bStocks कहा जाता है, मात्र दो हफ्तों में $10 करोड़ AUM तक पहुंच गए। इस स्ट्रेटेजी से Binance अपने ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके 24/7 मार्केट एक्सेस और स्टेबलकॉइन-आधारित सेटलमेंट की सुविधा दे रहा है, जो डिजिटल एसेट्स और पारंपरिक फाइनेंस के बीच की खाई को पाट रहा है।
इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का बढ़ता भरोसा
साल 2026 की पहली छमाही में Binance के इंस्टीट्यूशनल यूजर्स की संख्या में 9% की बढ़ोतरी देखी गई। यह दिखाता है कि बाजार की वोलेटिलिटी के बावजूद, बड़े निवेशक अब डिजिटल एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल अपनी विभिन्न वित्तीय गतिविधियों के लिए ज्यादा कर रहे हैं। कंपनी के ट्रेडिशनल फाइनेंस (TradFi) प्रोडक्ट्स ने मार्च 2026 से $80 अरब से अधिक का मंथली ट्रेडिंग वॉल्यूम जेनरेट किया है। इससे साफ है कि मल्टी-एसेट ऑफरिंग की ओर Binance का कदम उसके कुल प्लेटफॉर्म एक्टिविटी में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
रेगुलेटरी और एग्जीक्यूशन का रिस्क
जहां एक ओर Binance जबरदस्त ग्रोथ दर्ज कर रहा है, वहीं एक ग्लोबल फाइनेंशियल सुपर ऐप बनने की इसकी महत्वाकांक्षाएं कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रही हैं। Binance एक ऐसे रेगुलेटरी माहौल में काम कर रहा है जहां अंतरराष्ट्रीय अथॉरिटीज लगातार डिजिटल एसेट कस्टडी, सिक्योरिटीज ऑफरिंग और फाइनेंशियल लाइसेंसिंग को लेकर नियम बदल रही हैं। कंपनी की ग्रोथ का यह सफर इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने नए स्टॉक और ETF प्रोडक्ट्स के लिए विभिन्न देशों में लाइसेंस हासिल करने और उन्हें बनाए रखने में कितना सफल होती है। इसके अलावा, ट्रेडिशनल फाइनेंस में विस्तार से रेगुलेटर्स की तरफ से जांच का दायरा भी बढ़ेगा, जो स्टॉक एक्सचेंज और ब्रोकरेज सेवाओं की निगरानी करते हैं। इससे कुछ क्षेत्रों में कंपनी की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ सकती है या प्रोडक्ट्स की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
निवेशकों को कंपनी की रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए, खासकर तब जब वह अपने विस्तार को आगे बढ़ा रही है। इसके मल्टी-एसेट स्ट्रेटेजी की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान उसके स्टॉक और ETF ऑफर्स की मांग बनी रहती है या नहीं, साथ ही कंपनी पारंपरिक वित्तीय संपत्तियों की बढ़ती मात्रा को संभालते हुए सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में कितनी सक्षम है।
