Bharti Airtel ने अपना नया 'Airtel IQ Gateway' लॉन्च किया है, जो खास तौर पर बैंकिंग और ई-कॉमर्स कंपनियों को इंटरनेशनल OTP फ्रॉड से बचाने में मदद करेगा। यह कदम कंपनी की डिजिटल सर्विस मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति है।
फ्रॉड से कैसे बचाएगा यह प्लेटफॉर्म?
Bharti Airtel द्वारा पेश किया गया यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म कंपनियों को एक ही जगह पर SMS, WhatsApp, और वॉइस जैसे कई कम्युनिकेशन चैनलों को मैनेज करने की सुविधा देगा। इसका सबसे बड़ा फोकस 'इंटरनेशनल OTP पंपिंग' को रोकना है। इसमें बॉट्स के जरिए फर्जी वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट भेजी जाती हैं, जिससे कंपनियों का खर्च बेवजह बढ़ जाता है।
नई तकनीक का दम
इस प्लेटफॉर्म में 'Airtel IQ Verify' और 'साइलेंट ऑथेंटिकेशन' जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह पारंपरिक OTP सिस्टम की जगह लेगा और सीधे यह चेक करेगा कि यूजर का मोबाइल नंबर उस डिवाइस में एक्टिव सिम से मैच कर रहा है या नहीं। यह तकनीक खास तौर पर BFSI, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
निवेशकों के लिए संकेत
Airtel का इरादा अब सिर्फ कनेक्टिविटी प्रोवाइडर बने रहने का नहीं है, बल्कि वह कॉरपोरेट डिजिटल ऑपरेशंस में एक बड़े पार्टनर के तौर पर खुद को स्थापित करना चाहती है। यह रणनीति कंपनी के मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है क्योंकि ये वैल्यू-ऐडेड सर्विसेज बेसिक डेटा पैक की तुलना में अधिक मुनाफे वाली होती हैं। हालांकि, कंपनी को CPaaS मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा और साथ ही DPDP (डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन) मानकों का पालन करना भी बड़ी चुनौती होगी।
