त्योहारी सीजन की भीड़ को संभालने के लिए BharatPe ने Google Cloud की Gemini तकनीक से लैस एक 'एजेंटिक AI असिस्टेंट' पेश किया है, जो 1.7 करोड़ मर्चेंट्स के काम को आसान बनाएगा।
त्योहारों पर मर्चेंट्स को मिलेगी बड़ी राहत
BharatPe ने अपने बिजनेस ऐप में एक एडवांस 'एजेंटिक AI असिस्टेंट' को इंटीग्रेट किया है। यह टूल Google Cloud की Gemini Enterprise Agent Platform पर तैयार किया गया है। इसका काम सिर्फ सवालों के जवाब देना ही नहीं, बल्कि जटिल ऑपरेशनल टास्क को खुद पूरा करना है। यह नया AI सिस्टम वॉइस और टेक्स्ट कमांड्स पर काम करता है और अंग्रेजी, हिंदी के अलावा 'हिंग्लिश' को भी समझता है।
60 से ज्यादा सिस्टम्स का कंट्रोल
यह AI टूल कंपनी के 60 से अधिक इंटरनल सिस्टम्स के साथ जुड़ा है। इससे मर्चेंट्स को अब लंबी IVR कॉल या मेन्यू के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ेगा। अब यह AI सीधे डिस्प्यूट मैनेजमेंट, चार्जबैक ट्रैकिंग और लोन या पॉइंट-ऑफ-सेल सर्विस से जुड़ी समस्याओं को चुटकियों में सुलझा सकेगा।
बिजनेस के नजरिए से क्यों है अहम?
BharatPe का मंथली UPI ट्रांजैक्शन 45 करोड़ से ज्यादा है और कंपनी हर महीने ₹12,000 करोड़ से ज्यादा का वॉल्यूम हैंडल करती है। इतने बड़े पैमाने पर ऑपरेशंस को मैनेज करने के लिए यह AI टूल न सिर्फ कस्टमर सपोर्ट की लागत घटाएगा, बल्कि यह मर्चेंट के डेटा और स्क्रीन एक्टिविटी को एनालाइज करके उन्हें पर्सनलाइज्ड लोन और Credit-on-UPI जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी ऑफर करेगा।
रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियां
हालांकि, फाइनेंशियल सेक्टर में AI का इस्तेमाल बढ़ते ही Reserve Bank of India (RBI) जैसी रेगुलेटरी संस्थाओं की नजरें भी तेज हो गई हैं। डेटा प्राइवेसी और एल्गोरिदम की पारदर्शिता पर कड़ा पहरा है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह AI बिना किसी गलती के जटिल विवादों को सुलझा पाता है या नहीं, क्योंकि किसी भी चूक का असर मर्चेंट के भरोसे पर पड़ सकता है। इस क्षेत्र में Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे प्लेयर्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच, यह तकनीक BharatPe के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
