बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Bharat1.AI ने **$650 मिलियन** निवेश के साथ **70 एकड़** में एक 'AI सुपरसिटी' बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है, जो 2029 तक पूरी होगी।
फिजिकल AI का नया इकोसिस्टम
यह प्रस्तावित AI टाउनशिप केवल एक टेक पार्क नहीं, बल्कि एक शहर के पैमाने का सिम्युलेटर होगा। कंपनी का लक्ष्य इसमें 6,000 निवासियों और 25,000 कर्मचारियों के लिए जगह बनाना है। इसे एक 'लिविंग लेबोरेटरी' की तरह विकसित किया जाएगा, जहाँ रोबोट्स और ऑटोनॉमस सिस्टम्स इंसानों के साथ वास्तविक परिस्थितियों में काम करेंगे। डेटा जुटाने के लिए इस साइट पर 2,500 कैमरे और 800 रडार लगाए जाएंगे।
वर्तमान में, कंपनी बेंगलुरु के RGA टेक पार्क में 'B1 AI सुपरपार्क' का संचालन कर रही है, जो इसी मॉडल का एक प्रोटोटाइप है। इस नई फंडिंग को इक्विटी और डेट (Debt) के जरिए जुटाया जाएगा ताकि इस मॉडल को बड़े स्तर पर फैलाया जा सके।
रणनीतिक साझेदारी और चुनौतियां
Bharat1.AI ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए IIT कानपुर और IISc जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है। वहीं, कंप्यूटिंग पावर के लिए NVIDIA के साथ साझेदारी की गई है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट जितना बड़ा है, उतने ही जोखिम भी हैं।
- एग्जीक्यूशन और कर्ज: भारी मात्रा में डेट जुटाने के कारण कंपनी पर रेवेन्यू जनरेट करने और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने का भारी दबाव होगा।
- प्राइवेसी कंसर्न: हजारों कैमरों और रडार के जरिए निगरानी रखने से डेटा प्राइवेसी और रेगुलेटरी नियमों को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
- मार्केट ट्रेंड्स: ग्लोबल स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर में कर्ज को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, जिसे देखते हुए निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह प्रयोग लाभदायक मॉडल में बदल पाएगा।
