US-आधारित स्टार्टअप Besxar ने अंतरिक्ष में सेमीकंडक्टर वेफर बनाने का एक साहसी प्रोटोटाइप शुरू किया है। कंपनी SpaceX के Falcon 9 रॉकेट बूस्टर्स का उपयोग कर रही है, हालांकि यह एक प्राइवेट कंपनी है और फिलहाल शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
अंतरिक्ष में चिप निर्माण की कवायद
पूर्व OpenAI कर्मचारी एशले फिलिपिज़िन द्वारा स्थापित स्टार्टअप Besxar सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को जमीन से हटाकर अंतरिक्ष की कक्षा में ले जाने की कोशिश कर रही है। अंतरिक्ष में मौजूद 'अल्ट्रा-हाई वैक्यूम' का लाभ उठाकर कंपनी हाई-प्योरिटी वेफर्स बनाने का लक्ष्य रख रही है, जिससे पृथ्वी पर होने वाले भारी इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रदूषण नियंत्रण की लागत को कम किया जा सके।
SpaceX के साथ साझेदारी
Besxar ने SpaceX के Falcon 9 रॉकेट बूस्टर्स को अपनी टेस्टिंग लैब के रूप में इस्तेमाल करने का समझौता किया है। जुलाई 2026 में, स्टार्टअप ने अपने दो एक्सपेरिमेंटल यूनिट्स, जिन्हें 'Fabships' कहा जा रहा है, उन्हें SpaceX स्टारलिंक मिशन के साथ लॉन्च किया। इसका मुख्य उद्देश्य माइक्रोग्रैविटी और वैक्यूम में चिप निर्माण की व्यवहार्यता को परखना है।
फाइनेंशियल स्थिति और निवेश
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Besxar एक प्राइवेट कंपनी है। इसने अब तक लगभग $14 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जिसमें Bee Partners और Union Labs जैसे वेंचर कैपिटल शामिल हैं। कंपनी ने $9 मिलियन का सीड राउंड पूरा किया है। फिलहाल इसके शेयर्स NSE या BSE जैसे भारतीय बाजारों में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
बड़ी चुनौतियां
इस प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी बाधा स्पेस ट्रांसपोर्टेशन की लागत है। जब तक लॉन्चिंग कॉस्ट प्रति किलो काफी कम नहीं होती, तब तक पृथ्वी पर बने चिप्स के मुकाबले इनका मुकाबला करना मुश्किल होगा। इसके अलावा, रॉकेट लॉन्च के झटकों और पृथ्वी पर वापसी (Re-entry) के दौरान वेफर्स की गुणवत्ता बनाए रखना भी एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है। भविष्य में SpaceX के 'Starship' जैसे हाई-कैपेसिटी व्हीकल ही इस बिजनेस मॉडल को किफायती बना सकते हैं।
