बर्लिन सरकार एक बड़े साइबर हमले की चपेट में है। Rhysida रैनसमवेयर ग्रुप ने सरकार की फिरौती की मांग ठुकराने के बाद **5.79 टेराबाइट** डेटा सार्वजनिक कर दिया है, जिससे कर्मचारियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
फिरौती की मांग और बड़ा खुलासा
बर्लिन प्रशासन इस समय एक गंभीर साइबर संकट से जूझ रहा है। हैकर ग्रुप Rhysida ने 7 अगस्त से 12 अगस्त 2026 के बीच सरकार के डिजिटल नेटवर्क से करीब 5.79 टेराबाइट डेटा चोरी किया। बर्लिन के मेयर काई वेग्नर ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार हैकर्स की 30 Bitcoin (लगभग €2 मिलियन) की मांग के आगे नहीं झुकेगी।
डेटा में क्या-क्या है शामिल?
फिरौती न मिलने के बाद, हैकर्स ने 4 सितंबर 2026 को डार्क वेब पर सारा डेटा लीक कर दिया। इसमें कर्मचारियों के पेरोल रिकॉर्ड, कानूनी अनुबंध और क्रेडेंशियल्स के अलावा, शहर की वॉटर सप्लाई सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं (Critical Infrastructure) की कमजोरियों का भी विवरण शामिल है। यह न केवल डेटा प्राइवेसी के लिए खतरा है, बल्कि पब्लिक सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा रिस्क है।
कॉर्पोरेट जगत के लिए सबक
यह घटना यह दिखाती है कि आज के दौर में साइबर सुरक्षा पर खर्च करना एक अनिवार्य (Non-discretionary) जरूरत बन चुका है। बड़ी कंपनियां, जो बड़े डेटाबेस मैनेज करती हैं, उनके लिए यह मामला एक चेतावनी है कि एक छोटी सी चूक से कितनी बड़ी ऑपरेशनल और रेपुटेशनल कॉस्ट चुकानी पड़ सकती है।
चुनाव प्रक्रिया सुरक्षित
हालांकि स्थिति गंभीर है, लेकिन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आगामी 20 सितंबर 2026 को होने वाले राज्य चुनावों की सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है और मुख्य नेटवर्क से अलग रखी गई है। फिलहाल, प्रशासन उन सभी प्रभावित लोगों को सूचित करने की प्रक्रिया में है जिनका डेटा लीक हुआ है और नेटवर्क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फॉरेंसिक ऑडिट किया जा रहा है।
