Bengaluru Restaurants vs Swiggy & Zomato: 15 अगस्त से बॉयकॉट का अल्टीमेटम!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bengaluru Restaurants vs Swiggy & Zomato: 15 अगस्त से बॉयकॉट का अल्टीमेटम!

बेंगलुरु के रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने Swiggy और Zomato को 15 अगस्त से अपनी ऐप्स से हटने की चेतावनी दी है। इसका मुख्य कारण कमीशन रेट्स और बिजनेस प्रैक्टिसेज को लेकर चल रहा विवाद है।

क्यों मचा है बवाल?

बेंगलुरु के रेस्टोरेंट मालिकों, जिनमें ब्रुहट बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन (BBHA) भी शामिल है, ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Swiggy और Zomato को एक अल्टीमेटम जारी किया है। उनका कहना है कि अगर 15 अगस्त तक कमीशन स्ट्रक्चर और बिजनेस प्रैक्टिसेज को लेकर उनकी शिकायतें दूर नहीं हुईं, तो वे इन ऐप्स से अपने रेस्टोरेंट्स हटा लेंगे।

मार्जिन पर सीधा असर

इस पूरे झगड़े की जड़ कमीशन रेट्स हैं, जो एसोसिएशन के सदस्यों के मुताबिक कुछ मामलों में 28% तक पहुंच जाते हैं। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि एडवरटाइजिंग, पेमेंट गेटवे फीस और ऐप-आधारित मार्केटिंग जैसे दूसरे खर्चों को जोड़ दें तो मुनाफा बहुत कम बचता है। BBHA के अनुसार, कुछ रेस्टोरेंट मालिकों को ₹100 का नेट मुनाफा बनाए रखने के लिए मेन्यू की कीमतें 43% तक बढ़ानी पड़ रही हैं।

बिजनेस प्रैक्टिसेज में बदलाव की मांग

सिर्फ कमीशन रेट्स ही नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट मालिक इन प्लेटफॉर्म्स के ऑपरेशनल तरीकों में भी बड़े बदलाव चाहते हैं। वे ग्राहकों की शिकायतों के लिए होने वाली ऑटोमैटिक कटौतियों को बंद करने और खाना तैयार होने के बाद कैंसिल हुए ऑर्डर्स के लिए मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। सेटलमेंट स्टेटमेंट में पारदर्शिता और एकतरफा कॉन्ट्रैक्ट क्लॉज को हटाने की मांगें भी शामिल हैं। इसके अलावा, रेस्टोरेंट की सहमति के बिना डिस्काउंट कैम्पेन चलाने का भी कड़ा विरोध किया जा रहा है, जिससे सीधे तौर पर रेस्टोरेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ता है।

मार्केट का भविष्य

फिलहाल, भारत में फूड डिलीवरी मार्केट में नई कंपनियां जैसे Rapido और Flipkart भी एंट्री कर रही हैं। कुछ नए मॉडल्स, जैसे जीरो-कमीशन या 11% जैसे कम कमीशन रेट्स पर भी बात चल रही है। हालांकि, एसोसिएशन मानती है कि बेंगलुरु में Swiggy और Zomato की पहुंच सबसे ज्यादा है, इसलिए उन्हें ऐप्स से हटना एक मुश्किल फैसला होगा।

निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि क्या ये प्लेटफॉर्म्स अपने कमीशन एग्रीमेंट पर फिर से बातचीत करते हैं या नहीं। अगर कोई बड़ा बदलाव होता है, तो इससे इन प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। वहीं, अगर समझौता नहीं होता है, तो बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में रेस्टोरेंट पार्टनर्स की कमी से Swiggy और Zomato दोनों की सर्विस और डिलीवरी वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.