सरकारी कंपनी BSNL के स्वदेशी 4G नेटवर्क ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी अब **1.75 लाख** बेस स्टेशनों के जरिए प्रतिदिन **6 पेटाबाइट** डेटा हैंडल कर रही है, हालांकि भारी प्रतिस्पर्धा और घाटा अभी भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं।
सरकारी दूरसंचार कंपनी Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) ने अपने स्वदेशी 4G नेटवर्क के दम पर एक नया ऑपरेशनल माइलस्टोन हासिल किया है। देश भर में फैले 1 लाख साइटों पर लगाए गए 1.75 लाख बेस स्टेशनों के जरिए कंपनी अब हर दिन 6 पेटाबाइट डेटा ट्रैफिक प्रोसेस कर रही है। यह कदम कंपनी के आधुनिकीकरण और निजी प्रतिद्वंदियों जैसे Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea को टक्कर देने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तकनीक और आत्मनिर्भरता
इस पूरे नेटवर्क को C-DoT, Tata Consultancy Services (TCS) और Tejas Networks के कंसोर्टियम द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक से संचालित किया जा रहा है। विदेशी वेंडर्स पर निर्भरता कम करके BSNL अपनी सप्लाई चेन को मजबूत बनाने की कोशिश में जुटी है। साथ ही, IP Multimedia Subsystem तकनीक के जरिए कंपनी अपनी वॉइस सर्विस की क्वालिटी को भी बेहतर बना रही है।
वित्तीय मोर्चे पर क्या है हाल?
ऑपरेशनल सुधारों के बावजूद BSNL की राह आसान नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी को ₹1,280 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। हालांकि यह पिछली तिमाही के ₹1,419 करोड़ के घाटे से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन मुनाफा कमाना अभी भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है। कंपनी का ARPU (Average Revenue Per User) बढ़कर ₹103 के स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन प्राइवेट ऑपरेटर्स के मुकाबले यह अभी भी कम है।
आगे की राह: 5G का लक्ष्य
BSNL अब Ambala में 3600-3700MHz स्पेक्ट्रम रेंज का उपयोग करते हुए 5G रेडियो एक्सेस नेटवर्क की फील्ड ट्रायल्स शुरू कर चुकी है। कंपनी का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि वह 4G सर्विस की परफॉर्मेंस को कैसे बरकरार रखती है और 5G रोलआउट को तय समय में पूरा करके अपने घाटे को कम करने में कितनी सफल होती है।
