कर्नाटक के **₹444 करोड़** के KSWAN 3.0 प्रोजेक्ट में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। BJP नेता NR Ramesh ने Enforcement Directorate (ED) में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें CISCO और RailTel के कंसोर्टियम को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में हेरफेर का दावा किया गया है।
टेंडर में हेरफेर का मामला
28 सितंबर, 2026 को BJP नेता NR Ramesh ने औपचारिक रूप से Enforcement Directorate (ED) में शिकायत दर्ज की है। मामला कर्नाटक के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, KSWAN 3.0 से जुड़ा है, जिसकी वैल्यू ₹444 करोड़ आंकी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि टेंडर की शर्तों को इस तरह से तैयार किया गया था कि सिर्फ एक खास कंसोर्टियम (CISCO और RailTel) को ही फायदा मिल सके और बाकी कंपनियां रेस से बाहर हो जाएं।
कैसे किनारे हुए प्रतियोगी?
टेंडर की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए शिकायतकर्ता ने बताया कि जुलाई 2025 में इसे रद्द किया गया था और दिसंबर 2025 में नई शर्तों के साथ दोबारा जारी किया गया। आरोप है कि Telecommunications Consultants India Ltd (TCIL) को जानबूझकर बिडिंग से दूर रखा गया। दावा है कि CISCO ने आखिरी वक्त तक जरूरी दस्तावेज नहीं दिए, जिससे TCIL अपना वैध बिड नहीं जमा कर सकी। विभाग में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
शिकायत में कई बड़े नाम शामिल हैं। इसमें यतींद्र सिद्धारमैया और e-Governance विभाग के CEO व IAS अधिकारी भूपालन का नाम लिया गया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में टेंडर की शर्तों को अपने हिसाब से बदला। याचिकाकर्ता ने ED से मनी लॉन्ड्रिंग और एंटी-करप्शन कानूनों के तहत जांच की मांग की है।
फ्यूचर मॉनिटरेबल
इस ₹444 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट से बैंडविड्थ सर्विसेज का बाहर रखा जाना भी शक के घेरे में है। जानकारों का मानना है कि इसे बाद में किसी को बिना किसी प्रतिस्पर्धा के सौंपने की योजना हो सकती है। अब सबकी निगाहें ED के कदम पर टिकी हैं कि क्या यह शिकायत औपचारिक जांच में तब्दील होगी या कंपनी और सरकारी विभाग की ओर से इस पर कोई सफाई आएगी।
