Aurora Innovation ने 2030 तक **30,000** ऑटोनॉमस ट्रकों के बेड़े का लक्ष्य रखा है, जिससे **$5 बिलियन** का सालाना रेवेन्यू आने की उम्मीद है। कंपनी अब अपने बिजनेस मॉडल को बदलकर सब्सक्रिप्शन आधारित कर रही है, लेकिन निवेशकों की चिंता के चलते शेयर फिसलकर **$5.29** पर आ गया है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Aurora Innovation अब अपने पुराने 'ट्रांसपोर्टेशन-एज़-ए-सर्विस' मॉडल को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। 2027 तक, कंपनी 'ड्राइवर-एज़-ए-सर्विस' मॉडल अपनाएगी। इसके तहत ग्राहक ट्रक खुद खरीदेंगे और Aurora अपनी ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर तकनीक के लिए उनसे $0.85 प्रति मील की फीस लेगी। इस बदलाव का मुख्य मकसद बैलेंस शीट से ट्रकों की कीमतों का बोझ हटाना है।
Aumovio के साथ नई साझेदारी
कंपनी अपनी तीसरी पीढ़ी के हार्डवेयर के उत्पादन के लिए Aumovio (जो पहले Continental के नाम से जानी जाती थी) के साथ मिलकर काम कर रही है। Aumovio न केवल हार्डवेयर बनाएगी बल्कि ग्राहकों को फाइनेंसिंग और मेंटेनेंस में भी मदद करेगी। इस आउटसोर्सिंग के जरिए Aurora अपना पूरा ध्यान केवल अपने सॉफ्टवेयर स्टैक को बेहतर बनाने पर लगा पाएगी।
निवेशकों की नाराजगी और चुनौतियां
कंपनी के हालिया 'इन्वेस्टर डे' के बाद से ही मार्केट का सेंटिमेंट खराब है। 28 सितंबर को शेयर $5.29 पर बंद हुआ। निवेशकों को डर है कि 2026 में केवल 200 ट्रकों से 2030 तक 30,000 ट्रकों के लक्ष्य तक पहुंचना बेहद मुश्किल है।
आगे का रास्ता
Aurora का लक्ष्य 2027 की पहली छमाही तक 'ब्रेक-ईवन ग्रॉस मार्जिन' हासिल करना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी को 500 सक्रिय ट्रकों को सड़क पर उतारना होगा और अपने नए सब्सक्रिप्शन मॉडल में बड़े फ्लीट ग्राहकों को जोड़ना होगा।
