Aurionpro Solutions ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **16%** बढ़कर **₹415 करोड़** रहा, लेकिन बढ़ते खर्चों और फाइनेंस कॉस्ट के कारण नेट प्रॉफिट **11.4%** गिरकर **₹50 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
कंपनी का परफॉर्मेंस इस बार मिला-जुला रहा है। रेवेन्यू तो रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी उस रफ्तार से नहीं बढ़ पाई। मुख्य रूप से ऑपरेटिंग मार्जिन में लगभग 300 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखी गई है, जो घटकर 17.2% रह गया। एआई-नेटिव बैंकिंग समाधान और डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश के चलते कंपनी का कर्ज और डेप्रिसिएशन का बोझ बढ़ गया है, जिसका सीधा असर बॉटम लाइन पर दिखा है।
मजबूत ऑर्डर बुक और रिस्ट्रक्चरिंग
कमजोर मुनाफे के बीच एक अच्छी खबर यह है कि कंपनी के पास ₹2,050 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो भविष्य में रेवेन्यू की विजिबिलिटी को साफ करती है। कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए अपनी तीन सब्सिडियरी कंपनियों—Aurofidel Outsourcing Limited, Intellvisions Solutions Private Limited, और Skanan Hardware Private Limited—का मुख्य कंपनी में विलय करने का फैसला लिया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शेयर बाजार में फिलहाल इस स्टॉक को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मौजूदा समय में शेयर ₹540–₹550 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो इसके 52-वीक हाई ₹1,240 से काफी नीचे है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि मैनेजमेंट बढ़ते खर्चों पर कैसे काबू पाता है और नए प्रोजेक्ट्स का लाभ मुनाफे में कब तक तब्दील होता है।
