Aurionpro Solutions के शेयरों में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के पहली तिमाही के मुनाफे में पिछले साल की तुलना में **12.6%** की कमी आई है, जिसके बाद स्टॉक लगभग **12%** तक लुढ़क गया। रेवेन्यू में थोड़ी बढ़त के बावजूद, प्रॉफिट मार्जिन में आई कमी और सप्लाई चेन की दिक्कतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है।
Detailed Coverage
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
Aurionpro Solutions ने FY27 के लिए पहली तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसके बाद शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। मंगलवार, 28 जुलाई को कारोबार के दौरान स्टॉक 12% तक गिरकर ₹735.40 के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट स्टॉक को उसके 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹720 के करीब ले आई है, जो मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है।
रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे पर दबाव
कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 6.3% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया, लेकिन मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। जून तिमाही में नेट प्रॉफिट (PAT) घटकर ₹45 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹51 करोड़ था। निवेशकों के लिए चिंता का विषय ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में आई कमी है। EBITDA 9% से ज्यादा घटकर ₹61 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन 17.2% पर आ गया। यह 300 बेसिस पॉइंट की गिरावट बताती है कि कंपनी को आमदनी की तुलना में लागत ज्यादा बढ़ानी पड़ रही है।
सप्लाई चेन और ग्लोबल फैक्टर का असर
कंपनी का कहना है कि प्रदर्शन में नरमी का मुख्य कारण मौसमी उतार-चढ़ाव और बाहरी दबाव हैं। सप्लाई चेन में आई रुकावटों से इनपुट कॉस्ट बढ़ी है, वहीं मध्य पूर्व में प्रोजेक्ट टाइमलाइन में बदलाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता ने भी बिजनेस के सामने मुश्किलें खड़ी की हैं। हालांकि, मैनेजमेंट का मानना है कि कंपनी के मुख्य ऑपरेशन्स स्थिर हैं। Aurionpro Solutions ने अपने बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेगमेंट में मजबूत ऑर्डर बुक को एक सहारा बताया है। मैनेजमेंट को भरोसा है कि ये दबाव अस्थायी हैं और फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में ग्रोथ तेज होगी।
शेयर का पिछला प्रदर्शन
यह गिरावट Aurionpro के शेयरधारकों के लिए मुश्किलों का सिलसिला जारी रखती है। यह स्टॉक लंबे समय से बाजार के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। इस साल अब तक शेयर 29% तक गिर चुके हैं, जबकि BSE Sensex में इसी दौरान करीब 9.7% की गिरावट आई है। पिछले एक साल में शेयर 44.5% और पिछले दो सालों में 55% से ज्यादा गिरे हैं।
निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मार्जिन को कैसे सुधार पाती है। मैनेजमेंट भविष्य के प्रदर्शन और मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन को लेकर आशावादी है, लेकिन बाजार इनपुट लागतों को नियंत्रित करने और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में कंपनी की वास्तविक प्रगति पर बारीकी से नजर रखेगा कि क्या दूसरी छमाही में अपेक्षित ग्रोथ हासिल होती है।
