Atlassian ने बेंगलुरु में अपना अब तक का सबसे बड़ा R&D सेंटर खोला है। **2,00,000 वर्ग फुट** में फैला यह केंद्र कंपनी के ग्लोबल AI और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का नया इंजन बनेगा, जो सीधे तौर पर ऑटोनॉमस AI एजेंट्स (Autonomous AI Agents) बनाने पर फोकस करेगा।
बेंगलुरु बनेगा ग्लोबल हब
Atlassian ने बेंगलुरु में अपनी पकड़ को बेहद मजबूत कर लिया है। नया R&D सेंटर पिछले ऑफिस के मुकाबले 4 गुना बड़ा है और यहाँ 2,500 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाहर यह कंपनी का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग हब है। कंपनी का फोकस उन प्लेटफॉर्म्स पर है जो सालाना $1 बिलियन से अधिक का रेवेन्यू जेनरेट करते हैं।
AI-ड्रिवेन सॉफ्टवेयर की तैयारी
बेंगलुरु का यह हब अब ट्रेडिशनल कोडिंग से हटकर AI और मशीन लर्निंग पर काम करेगा। यहाँ की इंजीनियरिंग टीम ऐसे 'ऑटोनॉमस AI एजेंट्स' तैयार कर रही है जो बिना मानवीय दखल के जटिल सॉफ्टवेयर टास्क को पूरा कर सकें। मकसद साफ है—कंपनी को पूरी तरह से AI-नेटिव सॉल्यूशन कंपनी बनाना।
फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रोथ
कंपनी के हालिया नतीजे बेहद मजबूत रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में Atlassian ने $1.77 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 28% की बढ़त है। इसके अलावा, कंपनी का 'सब्सक्रिप्शन एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू' (Subscription ARR) 23% बढ़कर $6.61 बिलियन पर पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भारतीय निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि Atlassian का शेयर भारतीय एक्सचेंज (NSE/BSE) पर नहीं, बल्कि NASDAQ (टिकर: TEAM) पर लिस्टेड है। रिस्क की बात करें तो कंपनी का रेवेन्यू 'पर-सीट' (per-seat) प्राइसिंग मॉडल पर आधारित है। अगर AI एजेंट्स के आने से कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या कम करती हैं या सॉफ्टवेयर लाइसेंस कम खरीदती हैं, तो यह कंपनी की कमाई पर असर डाल सकता है। साथ ही, कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन अभी भी चुनौतीपूर्ण है, जिसे लेकर निवेशकों को सजग रहना चाहिए।
