फाइनेंस एक्सपर्ट अश्वथ दामोदरन ने AI कंपनी Anthropic की वैल्यूएशन **$1.475 ट्रिलियन** बताई है। हालांकि उन्होंने कंपनी के बेहतर प्रदर्शन की तारीफ की है, लेकिन भारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चेतावनी भी दी है।
वैल्यूएशन के पीछे का गणित
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने AI स्टार्टअप Anthropic पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए इसे $1.475 ट्रिलियन की वैल्यू दी है। यह विश्लेषण कंपनी के संभावित IPO से पहले आया है। उनका अनुमान है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कुल एड्रेसेबल मार्केट $5 ट्रिलियन से अधिक होगा। यह वैल्यूएशन मॉडल इस उम्मीद पर आधारित है कि AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल फार्मास्युटिकल रिसर्च और बड़े एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसे हाई-मार्जिन सेक्टर में तेजी से बढ़ेगा।
ऑपरेशनल सुधार और चुनौतियां
Anthropic ने अपने खर्चों को मैनेज करने में शानदार प्रोग्रेस की है। कंपनी की कंप्यूटिंग लागत, जो पहले रेवेन्यू के 250% से ज्यादा थी, वह अब घटकर 48% पर आ गई है। कंपनी ने हालिया तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है, जो बिजनेस को स्केल करने में आई कार्यक्षमता को दर्शाता है।
लेकिन इसके बावजूद, कंपनी के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी $600 बिलियन से अधिक के कमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर टिकी है। अगर रेवेन्यू ग्रोथ इन लंबी अवधि की जिम्मेदारियों के साथ तालमेल नहीं बिठा पाती है, तो कैश फ्लो पर काफी दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी की ग्रोथ में सुस्ती देखी गई है, जिसका मुख्य कारण OpenAI से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ओपन-सोर्स AI विकल्पों की ओर बढ़ता बिजनेस ट्रेंड है।
रिस्क फैक्टर और लिक्विडिटी
निवेशकों की नजर कंपनी के क्लाइंट बेस पर भी है। Anthropic के टॉप 5 क्लाइंट्स कंपनी के कुल रेवेन्यू का 25% हिस्सा कवर करते हैं, जो क्लाइंट कंसंट्रेशन का बड़ा जोखिम है। कंपनी के पास $114 बिलियन का कैश रिजर्व है, जो रिसर्च के लिए लिक्विडिटी बफर का काम कर रहा है। दामोदरन ने कंपनी की कॉस्ट ऑफ कैपिटल 9.74% आंकी है, जो अमेरिकी कंपनियों के 9.16% के मेडियन से ज्यादा है। यह प्रीमियम AI सेक्टर के जोखिमों और भविष्य की कमाई की अनिश्चितता को दर्शाता है।
