Commercial Vehicle बनाने वाली कंपनी Ashok Leyland अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी 170,000 से ज़्यादा कनेक्टेड गाड़ियों की निगरानी कर रही है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing) और कस्टमर सपोर्ट (customer support) में सुधार हो रहा है।
Detailed Coverage
AI से कैसे हो रही गाड़ियों की निगरानी?
Ashok Leyland अपने 'Uptime Solution Centre' के ज़रिए 170,000 से ज़्यादा गाड़ियों पर नज़र रख रही है। यह सेंटर प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस (predictive maintenance) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ऐसी खराबी का पता लगाता है जो गाड़ी के बंद होने से पहले ही ठीक की जा सकती है। इससे कमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर्स (commercial vehicle operators) के लिए गाड़ियों का लगातार चलते रहना सुनिश्चित होता है, जो उनके मुनाफे के लिए बहुत ज़रूरी है।
असली रोड डेटा से हो रहा डिज़ाइन में सुधार
कंपनी हर दिन अपने कनेक्टेड व्हीकल नेटवर्क से करीब 1 टेराबाइट (terabyte) डेटा जमा करती है, जो रोज़ाना 2.5 करोड़ (25 million) किलोमीटर से ज़्यादा की ड्राइविंग को कवर करता है। यह जानकारी सिर्फ मेंटेनेंस के लिए ही नहीं है, बल्कि इसे इंजीनियरिंग (engineering) में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे डिज़ाइनर्स (designers) ऐसी गाड़ियां बना पाएंगे जो असल में भारतीय सड़कों पर कैसे इस्तेमाल होती हैं, इस पर आधारित होंगी।
प्रोडक्शन और खर्च में कटौती
AI को कंपनी के कारखानों (factory floors) और सप्लाई चेन (supply chain) में भी लागू किया गया है। क्वालिटी कंट्रोल (quality control) को ऑटोमेट (automate) करके और लॉजिस्टिक्स (logistics) को बेहतर बनाकर, कंपनी ने कुछ कामों में प्रोसेसिंग कॉस्ट (processing costs) को चार गुना कम करने का दावा किया है। ये डिजिटल टूल्स (digital tools) सर्विस में लगने वाले समय को भी कम करते हैं, जिससे ऑपरेशनल खर्च (operational overheads) को मैनेज करने में मदद मिलती है।
जैसे-जैसे ऑटो इंडस्ट्री नई एनर्जी जैसे LNG, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक की तरफ बढ़ रही है, कंपनी अपनी डिजिटल क्षमता को बाज़ार में अपनी पोजीशन बनाए रखने के लिए ज़रूरी मानती है। हालाँकि, इन पहलों की सफलता डेटा की सटीकता (accuracy) बनाए रखने और साइबर सुरक्षा (cybersecurity risks) से बचाव पर निर्भर करेगी। निवेशकों को यह देखना होगा कि ये टेक्नोलॉजी वाले निवेश आने वाली तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) में कैसे तब्दील होते हैं।
