US-बेस्ड कंपनी Applied Materials ने भारत में अपने कामकाज का दायरा बड़ा कर दिया है। कंपनी अब सपोर्ट हब से निकलकर एक फुल-स्केल प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर के तौर पर काम करेगी, जिसका लक्ष्य **2035** तक सप्लाई चेन क्षमता को **10 गुना** बढ़ाना है।
अब भारत में होगा पूरा 'प्रोडक्ट ओनरशिप'
Applied Materials ने अब अपनी स्ट्रैटेजी बदल दी है। बेंगलुरु स्थित इंजीनियरिंग टीमों को अब केवल सपोर्ट के बजाय, डिजाइन से लेकर फाइनल डिप्लॉयमेंट तक की पूरी जिम्मेदारी दी जाएगी। इसका मकसद ग्लोबल हेडक्वार्टर पर निर्भरता को कम करना और लोकल टैलेंट को बड़े प्रोडक्ट लाइन्स संभालने के लिए तैयार करना है।
सप्लाई चेन का विस्तार
फिलहाल कंपनी 50 सप्लायर्स के साथ काम कर रही है, लेकिन 2035 तक इनकी संख्या 100 से ज्यादा करने का लक्ष्य है। कंपनी सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि कॉम्प्लेक्स सबसिस्टम और पूरी सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट सिस्टम को भारत में ही बनाने की तैयारी है।
बेंगलुरु में बनेगा विशाल रिसर्च पार्क
बेंगलुरु में 140 एकड़ का 'एडवांस्ड सेमीकंडक्टर रिसर्च पार्क' प्रस्तावित है। इसमें क्लीनरूम और रिसर्च लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ऑपरेशनल कॉस्ट घटेगी और नई चिप टेक्नोलॉजी की इनोवेशन तेजी से हो सकेगी।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और मौके
AI के दौर में यह कदम कंपनी को ग्लोबल वैल्यू चेन में मजबूती देगा। हालांकि, इस प्रोजेक्ट में देरी और लागत बढ़ने का रिस्क भी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्लोबल इकोनॉमी पर निर्भर है, इसलिए निवेशकों को इस रिसर्च पार्क की प्रोग्रेस और लोकल सप्लायर्स जोड़ने की रफ्तार पर नजर रखनी चाहिए।
