Applied Computing को मिले ₹20 करोड़, AI से करेगी ऑयल-गैस सेक्टर में क्रांति

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Applied Computing को मिले ₹20 करोड़, AI से करेगी ऑयल-गैस सेक्टर में क्रांति

लंदन की कंपनी Applied Computing ने $20 मिलियन (लगभग ₹20 करोड़) की सीरीज़ A फंडिंग जुटाई है। इस पैसे से कंपनी अपने AI मॉडल 'Orbital' का विस्तार करेगी, जो एनर्जी कंपनियों को सेंसर डेटा का विश्लेषण करने में मदद करता है। इस फंड का इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय विस्तार और ऑयल, गैस व पेट्रोकेमिकल सेक्टर के बड़े ग्राहकों के लिए होगा।

Orbital AI मॉडल और ऑपरेशनल असर

Applied Computing, जिसके ऑपरेशनल रूट्स बेंगलुरु में हैं, ने सीरीज़ A फंडिंग राउंड में $20 मिलियन जुटाए हैं। इस निवेश का नेतृत्व इंजीनियरिंग फर्म KBR ने किया और इसमें Databricks Ventures की भी भागीदारी रही। कंपनी मुख्य रूप से एनर्जी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां यह ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और फैसिलिटी मैनेजमेंट (facility management) को बेहतर बनाने के लिए AI सॉल्यूशंस (AI solutions) प्रदान करती है।

कंपनी के बिजनेस का मुख्य आधार इसका AI मॉडल 'Orbital' है। सामान्य AI के विपरीत, Orbital को फिजिक्स-बेस्ड मॉडल (physics-based models) को इंडस्ट्रियल प्लांट्स (industrial plants) से मिले रियल-टाइम सेंसर डेटा के साथ इंटीग्रेट (integrate) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य काम कॉम्प्लेक्स फैसिलिटी स्टेट्स (complex facility states) की निगरानी करना और इक्विपमेंट एनोमलीज (equipment anomalies) का पता लगाना है। ऑपरेशनल डेटा के ऑटोमेटेड एनालिसिस (automated analysis) से, यह प्लेटफॉर्म मैकेनिकल या प्रोसेस इश्यूज (mechanical or process issues) की पहचान करने और उन्हें ठीक करने में लगने वाले समय को दिनों से घटाकर मिनटों तक लाने का लक्ष्य रखता है। प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस (predictive maintenance) और ऑपरेशनल प्रिसिजन (operational precision) पर यह फोकस एनर्जी कंपनियों को एनर्जी का इस्तेमाल ऑप्टिमाइज़ (optimize) करने और प्रोडक्शन लेवल को बनाए रखने में मदद करेगा।

मार्केट में मौजूदगी और इंडस्ट्री पार्टनर्स

2023 में स्थापित इस स्टार्टअप ने ऑपरेशन के 18 महीनों के भीतर डबल-डिजिट मिलियन (double-digit millions) में एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (annual recurring revenue) तक पहुंचने की सूचना दी है। यह मॉडल वर्तमान में इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम (industrial ecosystems) में इंटीग्रेट किया जा रहा है, जिसमें Wipro और KBR के INSITE 3.0 डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ एक महत्वपूर्ण पार्टनरशिप भी शामिल है। इस तरह के AI टूल्स का उपयोग वैश्विक एनर्जी कंपनियों के बीच एक व्यापक ट्रेंड को दर्शाता है, जो मार्जिन (margins) में सुधार और डाउनटाइम (downtime) को कम करने के लिए अपने लेगेसी इंफ्रास्ट्रक्चर (legacy infrastructure) को डिजिटाइज (digitize) करने की कोशिश कर रही हैं।

ग्लोबल विस्तार और स्ट्रेटेजिक ग्रोथ

नए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय विस्तार के लिए किया जाएगा, विशेष रूप से ह्यूस्टन (Houston) में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करने और मध्य पूर्वी बाजारों (Middle Eastern markets) में प्रवेश की योजना बनाने के लिए। लंदन (London) मुख्यालय और बेंगलुरु (Bengaluru) में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल हब के साथ, कंपनी अपने इंजीनियरिंग और रिसर्च टीमों का विस्तार कर रही है ताकि व्यापक क्लाइंट डिप्लॉयमेंट्स (client deployments) का समर्थन किया जा सके। निवेशकों और इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स (industry observers) के लिए, रियल-वर्ल्ड ऑपरेशनल कॉस्ट्स (real-world operational costs) को कम करने में Orbital की प्रभावशीलता और विभिन्न इंडस्ट्रियल साइट्स (industrial sites) पर इसे स्केल (scale) करने की इसकी क्षमता महत्वपूर्ण कारक होंगे। कंपनी की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि यह ग्लोबल ऑयल और गैस ऑपरेटर्स (global oil and gas operators) के जटिल, स्थापित सिस्टम के साथ अपने सॉफ्टवेयर को कितनी प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट कर सकती है और नए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करते समय क्या यह अपनी रेवेन्यू ग्रोथ की गति (revenue growth trajectory) को बनाए रख सकती है।

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