Apple के लिए भारत में फेस्टिव सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कंपनी के iPhone की सेल्स में **30%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके पीछे महंगी कीमत और कम ऑफर्स मुख्य कारण हैं।
भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार के लिए यह चौंकाने वाला आंकड़ा है। पिछले साल यानी 2025 में 1.43 करोड़ यूनिट्स के रिकॉर्ड शिपमेंट के बाद, इस बार फेस्टिव सीजन में डिमांड सुस्त पड़ गई है।
क्यों घटी मांग?
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह कंपनी की ऊंची कीमत और फाइनेंसिंग स्कीम्स में कटौती है। भारतीय ग्राहक इस बार खरीदारी में अधिक सतर्क दिख रहे हैं, जिसके कारण पुराने मॉडल्स का स्टॉक रिटेलर्स के पास फंस गया है।
नई मुसीबत: सप्लाई चेन और 'बंडलिंग'
कंपनी के नए फ्लैगशिप मॉडल 'iPhone Duo' की कीमत ₹2,99,900 से शुरू होती है। इसकी भारी कमी के कारण लोग अब ग्रे-मार्केट (Grey Market) या दुबई से फोन मंगवाने को मजबूर हैं। रिटेलर्स का यह भी आरोप है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स उन्हें नया स्टॉक देने के बदले पुराने अनबिके फोन खरीदने का दबाव डाल रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
साल 2025 की बंपर ग्रोथ के बाद अब साल 2026 में कंपनी के शिपमेंट में डबल-डिजिट गिरावट का अनुमान है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि Apple बिना प्रॉफिट मार्जिन घटाए अपनी इन्वेंटरी को कैसे मैनेज करती है और सप्लाई चेन की समस्याओं को कैसे सुलझाती है।
