Apple के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo में स्क्रीन क्रैक और डिस्प्ले फेलियर की शुरुआती रिपोर्ट्स सामने आई हैं। इन हार्डवेयर समस्याओं ने ब्रांड की साख पर जोखिम पैदा कर दिया है, जिससे निवेशकों की नजर अब कंपनी के वारंटी प्रोग्राम और मार्जिन पर पड़ने वाले असर पर है।
स्क्रीन की मजबूती पर बड़ा सवाल
Apple ने अपने नए iPhone Duo के साथ फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में कदम रखा था, लेकिन लॉन्च के तुरंत बाद ही कंपनी तकनीकी मुश्किलों में घिर गई है। यूजर्स की ओर से मिल रही शिकायतों के मुताबिक, फोन खोलने पर चटकने की आवाज आना, स्क्रीन पर दरारें दिखना और डिस्प्ले पैनल का ठीक से काम न करना आम हो गया है। जो यूनिट्स फिलहाल सुरक्षित भी हैं, उनमें भी गहरे 'क्रीज' (झुर्रियां) दिखाई दे रहे हैं, जो फोल्डिंग हिंज और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी की ड्यूरेबिलिटी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
फाइनेंशियल और ब्रांड वैल्यू पर असर
Apple अपनी हाई-एंड हार्डवेयर रिलायबिलिटी के लिए जानी जाती है, लेकिन यह समस्या कंपनी के बिजनेस मॉडल के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकती है। अगर कंपनी को बड़े पैमाने पर रिप्लेसमेंट प्रोग्राम शुरू करना पड़ा या वारंटी बढ़ानी पड़ी, तो इसका सीधा असर कंपनी के सर्विस कॉस्ट और ऑपरेटिंग मार्जिन पर दिखेगा।
प्रतिस्पर्धियों से चुनौती
फोल्डेबल मार्केट में Samsung पहले से ही मजबूत खिलाड़ी है। सालों पहले Samsung ने भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना किया था, जिन्हें बाद में सुधारों के जरिए ठीक किया गया। लेकिन, एक प्रीमियम ब्रांड के तौर पर Apple के लिए यह शुरुआती हार्डवेयर विफलता कस्टमर सेंटीमेंट को नुकसान पहुंचा सकती है।
आगे क्या?
निवेशक अब Apple की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। क्या कंपनी फोन को वापस बुलाएगी (Recall), या यह वारंटी में कवर होगा? आने वाली फाइनेंशियल कॉल्स में मैनेजमेंट की कमेंट्री यह तय करेगी कि कंपनी का प्रीमियम हार्डवेयर स्पेस में ग्रोथ प्लान आगे कैसे बढ़ेगा।
