Apple अपने 'Pro and Tell' इवेंट में पहली बार टच-स्क्रीन वाला MacBook Pro पेश करने जा रही है। कंपनी की यह नई रणनीति हार्डवेयर सेगमेंट में एक बड़ा बदलाव है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
Apple ने सालों से चली आ रही अपनी परंपरा को तोड़ते हुए बड़ा ऐलान किया है। 28 अक्टूबर को लॉस एंजिल्स में होने वाले 'Pro and Tell' इवेंट में कंपनी अपना पहला टच-स्क्रीन MacBook Pro पेश करने के लिए तैयार है। यह कदम कंपनी की पुरानी उस नीति को बदल देगा, जिसमें वह लैपटॉप पर टच स्क्रीन देने से बचती रही थी।
नए फीचर्स की धूम
आने वाले 14-इंच और 16-इंच के मॉडल में शानदार OLED टेक्नोलॉजी और iPhone की तरह 'Dynamic Island' इंटरफेस देखने को मिलेगा। कंपनी ने इसके लिए खास 'macOS Golden Gate' अपडेट तैयार किया है, ताकि ट्रैकपैड से टच स्क्रीन पर ट्रांजिशन स्मूद रहे।
क्या बढ़ेगी कीमत?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल 'प्रोडक्शन कॉस्ट' का है। OLED पैनल मौजूदा mini-LED के मुकाबले महंगे होते हैं, जिससे लैपटॉप की मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ेगी। वर्तमान में MacBook Pro की बेस प्राइस $2,499 के आसपास है। ऐसे में रिटेल प्राइस बढ़ने की पूरी संभावना है, जो प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहकों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
मार्केट की चुनौती और मुकाबला
Apple इस रेस में थोड़ा लेट है, क्योंकि Dell, HP और Lenovo जैसी कंपनियां पहले ही इस सेगमेंट में जमी हुई हैं। कंपनी का मैनेजमेंट यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि MacBook और iPad के OS अलग रहें, ताकि कंपनी के अपने ही टैबलेट बिजनेस पर असर न पड़े। देखना यह होगा कि बाजार Apple के इस नए 'टच-एक्सपीरियंस' को किस नजरिए से देखता है और क्या यह प्रीमियम कैटेगरी में उनकी हिस्सेदारी को और मजबूत कर पाएगा।
