Apple अपने कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। हार्डवेयर चीफ John Ternus की देखरेख में कंपनी अब मैनेजमेंट लेयर्स को कम कर रही है ताकि प्रॉडक्ट्स तेजी से डेवलप हो सकें।
Apple के भीतर एक बड़ा ऑर्गेनाइजेशनल बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसकी बागडोर हार्डवेयर इंजीनियरिंग के हेड John Ternus के हाथों में है। नई स्ट्रैटेजी का मुख्य मकसद कंपनी को और ज्यादा 'अजाइल' (agile) बनाना है। इसके लिए कंपनी कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को छोटा कर रही है और मिडिल-मैनेजमेंट की परतों को घटा रही है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि फ्रंटलाइन इंजीनियर्स और टॉप लीडरशिप के बीच की दूरी कम होगी, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी।
सीज़नल रिलीज कैलेंडर को बदलने की तैयारी
सालों से Apple अपने प्रॉडक्ट लॉन्च के लिए एक फिक्स्ड कैलेंडर का पालन करता आया है, जिसमें स्प्रिंग और फॉल विंडो फिक्स होती थीं। यह predictability निवेशकों के लिए कंपनी की परफॉर्मेंस ट्रैक करने का एक जरिया थी। अब कंपनी एक ज्यादा 'फ्लूइड' (fluid) टाइमलाइन पर विचार कर रही है। यानी अब प्रॉडक्ट्स तब लॉन्च किए जाएंगे जब वे तकनीकी रूप से तैयार होंगे, न कि किसी तय कैलेंडर तारीख पर। यह बदलाव इनोवेशन की रफ्तार तो बढ़ा सकता है, लेकिन निवेशकों के लिए तिमाही नतीजों का अनुमान लगाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन पर असर
मैनेजमेंट लेयर्स को हटाना प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने और काम करने की क्षमता बढ़ाने की एक पुरानी तकनीक है। इससे एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों में कमी आएगी और कम्युनिकेशन बेहतर होगा। यह बदलाव John Ternus के करियर का एक बड़ा मोड़ भी माना जा रहा है। निवेशक अब बारीकी से देख रहे हैं कि क्या यह लीन स्ट्रक्चर कंपनी की ग्रोथ को बरकरार रख पाएगा या सप्लाई चेन मैनेजमेंट में कोई नई चुनौती पैदा करेगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
अगले कुछ क्वार्टर के फाइनेंशियल रिजल्ट्स और कंपनी की अगली प्रॉडक्ट अनाउंसमेंट्स पर नजर रखना जरूरी होगा। देखना यह है कि क्या यह नई रणनीति कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी में इजाफा करती है या बाजार की उम्मीदों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत पैदा करती है।
