Apple ने भारत में अपनी स्मार्टवॉच रणनीति को बदल दिया है। कंपनी अब प्रीमियम और हेल्थ-कॉन्शियस ग्राहकों पर फोकस कर रही है। Q2 2026 में भले ही वियरेबल मार्केट **4%** गिरा हो, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट में **95%** की जबरदस्त उछाल देखी गई है।
Apple अब भारतीय बाजार में मास-मार्केट के बजाय हाई-एंड और हेल्थ-सेंट्रिक हार्डवेयर पर दांव लगा रहा है। IDC की हालिया रिपोर्ट बताती है कि साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टवॉच की कुल शिपमेंट 4% गिरकर 6.4 मिलियन यूनिट्स पर आ गई है। यह गिरावट बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में सुस्ती का नतीजा है।
प्रीमियम सेगमेंट की चमक
बाजार की सुस्ती के बावजूद प्रीमियम कैटेगरी में 94.8% की ग्रोथ दर्ज की गई है। यह सेगमेंट अब पूरे भारतीय बाजार का 4.5% हिस्सा हो गया है, जो पिछले साल सिर्फ 2.2% था। Samsung और Garmin जैसे प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने के लिए Apple अपने नए मॉडल्स - Watch Series 12 और Ultra 4 के जरिए इस सेगमेंट को मजबूती से पकड़ना चाहता है।
नए हार्डवेयर का दांव
Apple की नई वॉच में हार्ट रेट मॉनिटरिंग के लिए 5 सेकंड के इंटरवल पर डेटा ट्रैक करने की क्षमता है। कंपनी ने साफ किया है कि यह अपग्रेड इंटरनल सिलिकॉन और सेंसर्स से जुड़ा है, इसलिए इसे पुराने मॉडल्स में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए नहीं लाया जा सकता। यह कदम पुराने यूजर्स को नए हार्डवेयर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने की एक बड़ी रणनीति है।
क्लिनिकल स्टडीज और मेडिकल पार्टनरशिप
कंपनी अपनी डिवाइसेस को सिर्फ एक लाइफस्टाइल गैजेट नहीं, बल्कि एक सीरियस मेडिकल टूल के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए Apple दिल्ली के डॉक्टर्स के साथ मिलकर क्लिनिकल स्टडीज कर रही है, ताकि इसे सस्ते और बेसिक हेल्थ ट्रैकर वाले कंपटीटर्स से अलग खड़ा किया जा सके। निवेशकों के लिए यह मार्जिन बढ़ाने और ब्रांड वैल्यू को प्रीमियम बनाए रखने की एक बड़ी कोशिश है।
